हिमा मे है दम, बस लंगड़ी लगाने वालों से बचे

हिमा मे है दम, बस लंगड़ी लगाने वालों से बचे

राजेंद्र सजवान,
हम भारतीयों की एक बड़ी कमज़ोरी यह रही है कि जब कभी भी कोई खेल प्रतिभा उभर कर आती हैतो हम उसका जीना हराम कर देते हैं | कोई बड़ा मुकाम पाने से पहले ही उसे सुर्ख़ियों से लबालब कर देते हैं | ऐसे मे खिलाड़ी का उत्साह तो बढ़ता है ,वह अतिरिक्त दबाव का शिकार भी हो जाता है| ऐसे कई खिलाड़ी चमकने से पहले ही गायब भी होते रहे हैं |

ट्रैक एंड फील्ड वर्ल्ड जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप मे भारत के लिए पहला स्वर्ण जीतनेवाली हिमा दास उस वक्त सुर्ख़ियों मे आई है जब भारतीय एथलीटों की नज़र जकार्ता एशियाड पर लगी हैं | फिनलैंड मे आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप मे इस 18 वर्षीय भारतीय लड़की ने शानदार प्रदर्शन तो किया लेकिन वह और बेहतर करने की क्षमता रखती है| ऐसा तब ही संभव हो पाएगा जब हमारा मीडिया उसे उसके हाल पर छोड़ देगा | उधर हिमा ने खिताब जीता और इधर पूरे देश के सोशल मीडिया ने उसे सिर आँखों बैठा दिया | लेकिन एथलेटिक की गहरी समझ रखने वाले कहते हैं कि उसे अभी लंबा सफ़र तय करना हैऔर बेकार की पब्लिसिटी उसकी राह का रोड़ा बन सकती है |

देखा जाए तो हिमा ने अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन किए बिना ही वर्ल्ड जूनियर खिताब जीत लिया | कुछ दिन पहले उसने गुवाहाटी मे 51.13 सेकेंड का समय निकाल कर 400 मीटर की दौड़ जीती थी,जबकि फिनलैंड मे 51.46 सेकेंड से विजयी रही | कामनवेल्थ खेलों मे वह 51.32 सेकेंड मे दौड़ पूरी कर छठा स्थान ही अर्जित कर पाई थी | अर्थात वर्ल्ड जूनियर का स्वर्ण गर्व करने लायक है पर प्रदर्शन के लिहाज से उसे अभी बहुत कुछ करना बाकी है |

यह ना भूलें कि रियो ओलंपिक मे पहले तीन स्थान अर्जित करने वाली महिला धावकों ने 50 सेकेंड से भी कम का समय निकाला था | अर्थात उसे अभी डेढ़ सेकेंड की दूरी पाटनी है जोकि आसान नहीं है | वह तो अभी मनजीत कौर के 51.05 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकार्ड से भी बहुत दूरी पर है | याद रहे कि हमारी ऊडन परी पीटी उषा सेकेंड के सौवें हिस्से से ओलंपिक पदक गँवा बैठी थी | कहने का तात्पर्य यह है कि हिमा यदि ओलंपिक या विश्व स्तर पर पदक जीतना चाहती है तो उसे अपने श्रेष्ठ को सर्वश्रेष्ठ मे बदलना है | उसकी असली परीक्षा एशियाड मे हो सकती है|

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3 comments

  1. काफी हद तक सही है कि ज्यादा publicity player पर दबाव का कारण बन जाती है ।

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  2. Sahi baat hai sir ji, aksar aisa hota hai..ki khiladi lambi duri ka ho skta hai..par kuch log chukni chupdi baato sei..uska career kharb kr detei hai…..plyrs ko aap ki is baat ko dhyan mei rakhna chhaiyei.

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