एशियाड मे भारत:मुकाबला खुद से !

एशियाड मे भारत:मुकाबला खुद से !

नई दिल्ली / राजेंद्र सजवान,
एशियाई खेलों का जन्मदाता भारत क्या जकार्ता एशियाई खेलों में अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाएगा?1951 मे जब भारत की मेजबानी मे पहले एशियाई खेल दिल्ली मे आयोजित किए गये थे तो भारतीय खिलाड़ियों ने 15 स्वर्ण पदकों सहित कुल 51 पदक जीते थे | हालाँकि भारत ने सर्वाधिक पदक(65) 2010 के गुआंगझू खेलों मे जीते जिनमे स्वर्ण पदक 14 ही थे | इसी प्रकार का एक और प्रदर्शन 1982 के दिल्ली एशियाड मे किया और 57पदक जीते जिनमे 13 पदक सोने के थे |

हैरानी वाली बात यह है कि एक ओर तो हम खेलों मे प्रगति का राग अलाप रहे है ,अपने खिलाड़ियों के हल्के फुल्के प्रदर्शन पर इतरा रहे हैं तो दूसरी तरफ आलम यह है कि एक एक पदक के लिए तरस-तड़प रहे हैं | ज़रा कल्पना कीजिए जो देश पिछले 67 साल मे एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाया हो, अपना श्रेष्ठ नहीं दे पाया हो उसकी प्रगति का आकलन भला कैसे करें ? कैसे मान लें की भारतीय खिलाड़ी बेहतर कर रहे हैं और इस बार के एशियाई खेलों से पदकों का जखीरा लेकर लौटेंगे !जहाँ से शुरू किया एक कदम भी आगे नहीं बढ़े हैं|

खिलाड़ियों और अधिकारियों का बड़ा दल जकार्ता जा रहा है जिनकी संख्या हज़ार से अधिक हो सकती है | हमेशा की तरह आख़िरी समय तक खिलाड़ी ,अधिकारी और उनके सगे ठूँसे जाते रहे| आईओए और साई ने भी बहती गंगा मे डुबकी मारी है |खेल मंत्रालय ,आईओए ,खेल फेडरेशन से पदकों के बारे मे पूछेंगे तो एक ही जवाब मिलेगा कि इस बार पिछले खेलों से बेहतर का लक्ष्य रहेगा | खिलाड़ी भी कम शातिर नहीं हैं | वर्षों से सरकारी खजाने का सुखभोग कर रहे हैं और उम्मीद के बारे मे पूछो तो जवाब मिलेगा,’भाग्य ने साथ दिया तो गोल्ड मिलेगा”| इतना ही नहीं कई बड़े नाम वाले खिलाड़ी ऐन मौके पर चोट का बहाना बनाकर बाहर हो सकते हैं | ऐसे मे भला श्रेष्ठ की उम्मीद कैसे करें ?

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4 comments

  1. Sahi baat hai bhai saqb , chahei khiladi ho ya officials mauka parasti sei koi peechei nhi , federation ki dadagiri aur plyrs ka bhagya kei sharei jaisi soch kei saath ,medals kei baarei mei nhi sochna chhaiyei..
    Jab tk maidan mei khlnei walei aur khilanei walei ek manch pei nahei aayegei medals kei barei mei sochna galat hoga!!

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    1. टीम के आने के बाद संसद मे बहस होगी| टी वी पर डिबेट होगी|आगे की योजनाए बनेगी| कुछ पर आरोप लगेगे| कुछ की फोटो बडे लोगो के साथ होगी| सब एक मास मे समाप्त हो जायेगा पिछले ४० सालो मे यही हो रहा है|

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