दादी की सीख काम आई:सचिन तेंदुलकर

दादी की सीख काम आई:सचिन तेंदुलकर

राजेंद्र सजवान,
देश के जाने माने क्रिकेटर और यूनिसेफ के सदभावना दूत सचिन रमेश तेंदुलकर ने यहाँ त्यागराज नगर स्पोर्ट्स कॉंप्लेक्स पर आयोजित कार्यक्र्म मे रहस्योदघाटन करते हुए कहा कि उनकी अच्छी सेहत का कारण दादी की सीख है| यूनिसेफ इंडिया द्वारा आयोजित ‘वर्ल्डचिल्ड्रन्सडे’ पैनल डिस्कसन मे सचिन ने कहा कि दादी हमेशा कहा करती थीं’हैल्थ इजवैल्थ’ और मैने अपने जीवन मे उनके मंत्र को अपना लिया| नतीजन आपके सामने खड़ा हूँ|

सचिन ने पिछले साल स्पेशल बच्चों के साथ क्रिकेट मैच खेला था| आज उन्होने लगभग आधा घंटे तक बच्चों के साथ फुटबॉल खेली और उनके हर मूव का लुत्फ़ उठाया| इस अवसर पर उन्होने बेहिचक माना कि भारत भले ही सबसे बड़ा युवा राष्ट्र है पर अभी हम अपने युवाओं को सबसे फिट नहीं कह सकते| ज़्यादातर ना सिर्फ़ कमजोर हैं अपितु अपने कर्तब्य और अधिकारों से भी अनभिग्य हैं| सचिन ने देश के नौनिहालों से कहा कि अपने माता-पिता और गुरुओं को विशेष आदर दें| ऐसा करने से उन्हें अलग किस्म का सुकून मिलेगा और उनका चरित्र निर्माण होगा|

सचिन के अनुसार वह जो कुछ भी हैं अपने माता पिता के आशीर्वाद और गुरु आचरेकर की ट्रेनिंग से हैं|सचिन ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने कार्य के प्रति गंभीर रहें ठीक वैसे ही जैसे मैने 24 साल तक क्रिकेट को गंभीरता से लिया| यूनिसेफ के सदभावना दूत ने क्रिकेट के बारे मे पूछे गये तमाम सवालों को टाल दिया| इतना ज़रूर कहा कि हर बच्चे को कोई ना कोई खेल ज़रूर खेलना चाहिए| ख़ासकर,फुटबॉल को उन्होने सबका खेल बताया|

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