स्कूली खेल,माफिया की गिरफ्त में

राजेंद्र सजवान
यह सही है कि किसी भी देश का खेल भविष्य उसके स्कूली खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर करता है| यह भी सच है कि चीन, अमेरिका, जापान, कोरिया आदि देश यदि खेलों मे शेष विश्व से कहीं आगे हैं तो उनके स्कूली खेल ढाँचे के दम पर ऐसा संभव हो पाया है| इस कसौटी पर भारत को परखें तो निराशा ही हाथ लगेगी| कारण,अपने देश मे स्कूली खेलों का मतलब महज जंगल राज है| यहाँ कोई क़ायदा क़ानून काम नहीं करता| हैरानी वाली बात यह है कि स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया नाम की संस्था पर भारतीय स्कूली खेलों के रख रखाव और बढ़ावा देने का दायत्व है और यही संस्था देश के खेलों को बर्बाद कर रही है,ऐसा आरोप लगाने वाले देश के हर स्कूल और प्रतेक राज्य मे मिल जाएँगे|हालात इतने खराब हो गये हैं कि स्कूली खेलों को सीधे केंद्र सरकार के नियंत्रण मे लेने की माँग की जाने लगी है|

राष्ट्रीय स्कूली खेलों के पिछले तीस साल के रिकार्ड पर नज़र डालें तो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, एमपी, झारखंड, बिहार आदि राज्यों ने जब-जब राष्ट्रीय खेलों का आयोजन किया,पदकों की जमकर लूट मचाई| बड़ी उम्र के और बाहरी खिलाड़ियों को खिलाने के ढेरों मामले प्रकाश मे आए, विरोध दर्ज कराए गये पर कहीं कोई कार्यवाही नहीं हुई| एसजीएफ़आई के शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों पर बार बार उंगलियाँ उठीं और आरोप लगाए गये| देश के अधिकांश स्कूल देश और राज्य सरकारों से अपील करते रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती|स्कूली खेलों की बर्बादी का एक बड़ा कारण यह भी रहा कि शीर्ष पदों पर बैठे लोगों ने कई फर्जी खेलों को भी अपने बेड़े मे शामिल कर लिया| इतना ही नहीं कई खेलों के शीर्ष पदों पर उनके परिजन और नाते रिश्तेदार भी बैठा दिए गये|फिलहाल दिल्ली सरकार के खेल विभाग ने ठोस कदम उठाए है, जिनकी सराहना हो रही है|वैसे भी दिल्ली स्कूली खेलों की धोखाधड़ी के लिए सबसे बदनाम रही है|तमाम खेलों की ट्राफ़ी जीतनेवाली दिल्ली के ज़्यादातर खिलाड़ी स्कूल टापने के बाद कहीं नज़र नहीं आते|

सरकार के खेलो इंडिया कार्यक्र्म ने एसजीएफआई की नींद उड़ाई है लेकिन ज़रूरत स्कूली फेडरेशन को या तो खारिज करने की है या सरकार उस पर पूरी तरह निगाह रखे| खेलो इंडिया भी आधा अधूरा प्रयास माना जा रहा है,जिसे केवल स्कूलों तक सीमित रखने मे ही भलाई है| आख़िर खिलाड़ी तो स्कूलों से ही मिलेंगे| अतः इन खेलों को अवसरवादियों से बचाने की ज़रूरत है|

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