नीरज मे है दम: ओलंपिक पदक की उम्मीद 

राजेंद्र सजवान,
टोक्यो ओलंपिक मे भारतीय एथलीटों को यदि अपनाऔर देश का पदक ख़ाता खोलना है तो कुछ एक स्पर्धाओं मे अपने श्रेष्ठ से भी बेहतर करना होगा| प्रमुख एथलीटों पर नज़र डालें तो जेवलिन थ्रोवर नीरज चोपड़ा,चार सौ मीटर मे हिमादास और सौ मीटर मे दुतिचन्द संभावितों मे शामिल किए जा सकते हैं| ख़ासकर, नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन विदेशी एथलीटों को भी परेशान कर रहा है|भारतीयएथलेटिक प्रेमी उसे पहले ओलंपिक चैम्पियन के रूप मे देखने लगे हैं|

भारतीय खिलाड़ियों ने जहाँ एक ओर कुश्ती,हॉकी,निशानेबाज़ी,मुक्केबाज़ी,वेटलिफ्टिंग,बैडमिंटन,टेनिस मे ओलंपिक पदक जीते हैं तो बाकी खेलों मे कुछ खिलाड़ी पदक के करीब पहुँच कर चूक गये|मिल्खा सिंह और पीटी उषा ओलंपिक मे चौथे स्थान पर रहे| उन्हें विश्वस्तरीय एथलीटों मे शुमार किया जाता था| अब नीरज उसी क्लास के एथलीट हैं और लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करते आ रहे हैं|

बेशक,हिमा और दुति के लिए अपनी स्पर्धाओं मे जीत दर्ज कर पाना आसान नहीं होगा| सौ मीटर और चार सौ मीटर मे जमैका,अमेरिका,इंग्लैंड,फ्रांस आदि देशों की महिलाएँ रिकार्डतोड़ प्रदर्शन कर रही हैं| उनसे पार पाने के लिए भारतीय लड़कियों को सुधार की ज़रूरत है| लेकिन नीरज को उनके करीबी प्रतिद्वंदी आसानी से नहीं ले रहे|उसने जूनियर विश्व चैंपियनशिप मे 86.48 मीटर की थ्रो से स्वर्ण पदक जीता और सबका ध्यान खींचा|तत्पश्चात राष्ट्रमंडल खेल और एशियन चैंपियनशिप मे स्वर्णिम प्रदर्शन किया|जकार्ता एशियाड मे 88.06 मीटर से अपना बेस्ट दिया और स्वर्णजीता|
हरियाणा के किसान परिवार के इस युवा एथलीट से इसलिए भी उम्मीद की जा रही है क्योंकि वह लगातार अपना प्रदर्शन सुधार रहा है और एक दिन उसके लिए 90मीटर या उससे पार निकलना भी आसान हो जाएगा| अर्थात भारतीय एथलेटिक को उस पर भरोसा है|

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