ध्यानचन्द को भुला दिया, विराट हो सकते हैं अगले भारत रत्न!

ध्यानचन्द को भुला दिया,विराट हो सकते हैं अगले भारत रत्न!

राजेंद्र सजवान,

देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न को लेकर हमेशा की तरह अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाए हो रही हैं| हॉकी जादूगर मेजर ध्यान चन्द का नाम एक बार फिर रह गया या कोई चर्चा नहीं हुई| नतीजन देश के हॉकी प्रेमियों और दद्दा ध्यानचन्द के परिजनों ने नाखुशी जाहिर की है|अब तक सिर्फ़ क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ही यह सम्मान पा सके हैं और दूसरा अवॉर्ड भी शायद किसी क्रिकेटर को मिल सकता है|

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली जिस रफ़्तार से आगे बढ़ रहे हैं और खेल की हर शैली मे जिस कदर रिकार्ड तोड़ प्रदर्शन कर रहे हैं उसे देखते हुए यह माना जा रहा है कि विराट टी20,वनडे और टेस्ट क्रिकेट के तमाम रिकार्ड अपने नाम कर ही दम लेंगे|सूत्रों की मानें तो कुछ राजनीतिक पार्टियाँ अभी से उनसे नज़दीकियाँ बढ़ाने की कोशिश मे हैं|लेकिन वह फिलहाल क्रिकेट के रिकार्ड तोड़ने मे व्यस्त हैं|

पिछले कुछ सालों मे विराट ने सचिन के रिकार्डों का तेज गति से पीछा करना शुरू किया है और हर अगला रन और शतक नई कहानी और कामयाबी रच रहा है| दुनियाभर के क्रिकेट जानकार और पूर्व खिलाड़ी उनकी तारीफों मे कसीदे लिखते नहीं थकते| स्वयं सचिन तेदुलकर मानते हैं कि विराट कोहली उन्हें पीछे छोड़ सकते हैं|आस्ट्रेलिया,इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज के पूर्व चैम्पियन कह रहे हैं कि भारतीय कप्तान नेतृत्व क्षमता मे बेजोड़ है और दुनिया का सबसे श्रेष्ठ खिलाड़ी बनने की ओर तेज़ी से बढ़ निकला है| विराट की एक बड़ी खूबी यह है कि तमाम खेलों के खिलाड़ी और खेल प्रशासक उनको बेहद पसंद करते हैं| इतना तय है कि भविष्य मे कभी फिर किसी खिलाड़ी को भारत रत्न मिला तो वह निसंदेह विराट हो सकते हैं| यह भी तय माना जा रहा है कि देश की सरकारों ने मेजर ध्यानचन्द के नाम पर विचार करना छोड़ दिया है|

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.