क्रिकेट बना क्राइम

क्रिकेट बना क्राइम

राजेंद्र सजवान,
यह प्रकृति का नियम है कि जब किसी चीज़ की अति हो जाती है तो उसमे गिरावट का क्र्म भी शुरू हो जाता है| यूँ भी कह सकते हैं कि अधिकता किसी भी रूप मे ठीक नहीं होती, जैसा कि क्रिकेट के साथ हो रहा है | दिल्ली,कोलकाता,मुंबई,बंगलूरु,चेन्नई औरदेश के तमाम छोटे-बड़े,शहरों,कस्बों और गाँवों मे क्रिकेट का जादू सर चढ़ कर बोल रहा है| बेशक भारतीय क्रिकेट अन्य खेलों की तुलना मे बेहतर परिणाम दे रही है,खिलाड़ी,अधिकारी और तमाम लोग लाखों -करोड़ों मे खेल रहे हैं| लेकिन दूसरा पहलू यह है कि क्रिकेट क्राइम बनता जा रहा है|सट्टा और फिक्सिंग खेल का चरित्र बन चुकेहैं| परन्तु सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि क्रिकेट अपराध और खून ख़राबे का रूप ले रहा है, जैसा कि दिल्ली के पूर्व तेज गेंदबाज,कोच और चयनसमिति के अध्यक्ष अमित भंडारी के साथ हुआ|

अमित को इसलिए पीटा गया क्योंकि अनुज डेढ़ा नाम के एक खिलाड़ी को दिल्ली टीम मे स्थान नहीं मिल पाया था| गुस्साए खिलाड़ी ने अपने दर्जन भर साथियों के साथ मिल कर उस पर जानलेवा हमला बोल दिया| कोच की हालत गंभीर है और तमाम पूर्व क्रिकेटर घटना की आलोचना कर रहे हैं| वीरेंद्र सहवाग,गौतम गंभीर,बिशन सिंह बेदी,मदनलाल,सुरेंद्र खन्ना आदि पूर्व खिलाड़ियों ने दोषियों को कड़ी सज़ा देने की माँग की है| कुछ एक की राय मे गुंडई करने वालों का करीयर चौपट कर देना ही बेहतर रहेगा ताकि भविष्य मे फिर कोई खिलाड़ी ऐसा दुस्साहस ना कर सके|

लेकिन दोषी सिर्फ़ खिलाड़ी नहीं है| दरअसल, दिल्ली जिला क्रिकेट संघ और देशभर की तमाम इकाइयों मे हमेशा से पारदर्शिता की कमी देखी गई है|खिलाड़ियों के चयन और उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं को लेकर बार बार दंगे फ़साद हुए और आरोप लगते आ रहे हैं| खुद बेदी,आज़ाद,सहवाग,गंभीर,प्रभाकर और तमाम खिलाड़ियों ने डीडीसीए की वर्किंग पर कई बार सवाल उठाए| छोटे -बड़े सभी आयुवर्गों की टीमों के चयन मे धाँधली होती आई है|एक दूसरे पर भी आरोप प्रत्यारोप लगे| लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि खिलाड़ी दादागिरी दिखाने लगें|डीडीसीए अध्यक्ष रजत शर्मा कह चुके हैंकि दोषियों को कदापि माफ़ नहीं किया जाएगा| उनका वक्तव्य कबीले तारीफ़ है| लेकिन ज़रूरत इस बात की है कि चयन का काम काबिल लोगों को सौंपा जाए,किसी भी प्रकार की सिफारिश को बर्दाश्त ना करें और खिलाड़ी का आकलन उसकी योग्यता और लीग मे किए प्रदर्शन के आधार पर किया जाए| क्या ऐसा करेगी डीडीसीए?
यदि दिल्ली की क्रिकेट अमित भंडारी के साथ हुए हादसे से सबक लेना चाहती है तो सभी सदस्यों,खिलाड़ियों,कोाचों,चयनकर्ताओं और असंतुष्टों को मिल बैठकर फ़ैसला लेना हॉग| वरना दिल्ली की क्रिकेट का पूर्ण अपराधीकरण हो सकता है|

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