दिल्ली कैपिटल्स की उँची छलाँग

राजेंद्र सजवान
आईपीएल मे पिछले खराब प्रदर्शनों को भुला कर दिल्ली कैपिटल्स प्लेआफ की तरफ तेज कदम बढ़ा चुकी है| दिल्ली डेयरडेविल्स नाम से छुटकारा पाने के बाद उसका नया अवतार हुआ लगता है| लेकिन टीम के भरोसेमंद लेगस्पिनर अमित मिश्रा से पूछें तो लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए वह टीम की एकजुटता और चीफ़ कोच रिकी पोंटिंग और मुख्य सलाहकार सौरभ गांगुली का मार्गदर्शन बड़ा कारण मानते हैं| दिल्ली को अब निर्णायक दौर मे पहुँचने के लिए मात्र एक मैच जीतना है| आज यहाँ SENCO GOLD & DIAMONDS द्वारा आयोजित कार्यक्र्म मे मिश्रा ने माना कि यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो उनकी टीम ख़िताबी दौड़ मे शामिल हो सकती है|

इस अवसर पर पृथ्वी साव और दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज रबाता भी मौजूद थे| उसने पृथ्वी, धवन,पंत, श्रेयस, ईशांत, रबाता आदि खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा लेकिन साथ ही माना कि पोंटिंग और दादा गांगुली ने दिल्ली को एक टीम के रूप मे खड़ा किया है और तमाम खिलाड़ी उनके निर्देशों का पालन कर अपना श्रेष्ठ दे रहे हैं| 36 वर्षीय गेंदबाज के अनुसार भले ही उम्र बढ़ रही है किंतु अभी उनमे काफ़ी क्रिकेट बची है और एक बार दिल्ली को विजेता के रूप में देखना चाहते हैं| ऐसे मे जबकि दुनिया के दो सबसे सफल कप्तान और नामी बल्लेबाज दिल्ली को दिशा दे रहे है तो उनकी टीम किसी को भी हरा सकती है|

सचिन के आउट होते ही टीवी बंद!—शिखर धवन के साथ दिल्ली कैपिटल्स की पारी की शुरुआत करने वाले 20 वर्षीय पृथ्वी साव छोटी उम्र मे बड़ा कमाल करने वाले खिलाड़ियों मे शामिल हैं| संभवतया ऐसा इसलिए भी है क्योंकि उनकी पसंद के खिलाड़ियों मे सचिन तेंदुलकर सबसे पहले आते हैं जिन्हे उसने लड़कपन से ही अपना आदर्श बना लिया था| आज यहाँ एक कार्यक्र्म मे उसने सचिन को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि वह तब से मास्टर ब्लास्टर को फॉलो कर रहा है जब मात्र पाँच-छह साल का था|

उसके अनुसार, मेरे पिताजी को भी क्रिकेट का शौक था लेकिन तब मैं यह नहीं समझ पाया कि वह सचिन के आउट होने पर टीवी क्यों बंद कर देते थे| धीरे धीरे मुझे पता चला कि सचिन उनके प्रिय खिलाड़ी थे और उन्हें दिलोजान से चाहते थे| आस्ट्रेलिया के विरुढ़ वर्ल्ड कप मे जब सचिन ने शतक बनाया तो पृथ्वी उसका मुरीद हो गया था| वह हमेशा से सचिन की बल्लेबाजी का कायल रहा है और उन्हीं की तरह खेलना चाहता है| लेकिन यह भी कहता है कि सचिन सर सा कोई नहीं हो सकता| वह अभूतपूर्व खिलाड़ी रहे हैं और 46 साल की उम्र मे भी यदि जवान और उर्जावान नज़र आते हैं तो अपनी सकारात्मक सोच के कारण|

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