किसी की नज़र ना लगे!

राजेंद्र सजवान
भारतीय कुश्ती मे ऐसा पहली बार देखने मे आया है जब देश का कोई पहलवान डंके की चोट पर ओलंपिक पदक का दावेदार माना जा रहा हो| हालाँकि केडी जाधव, सुशील कुमार, योगेश्वर दत और साक्षी मलिक ने भारत को ओलंपिक पदक दिलाए लेकिन शायद ही कभी उन पर ऐसी उम्मीदोंका बोझ रहा होगा, जिसका सामना वर्ल्ड नंबर वन, एशियाड विजेता, कामनवेल्थ चैम्पियन और एशियन चैंपियनशिप मे स्वर्ण पदक जीतने वाले बजरंग पूनिया को करना पड़ रहा है| बजरंग दुनियाभर के पहलवानों को हरा चुका है और ना सिर्फ़ भारतीय कुश्ती जानकार अपितु विश्व स्तर पर हर कोई कह रहा है कि यह लड़का ओलंपिक गोल्ड का प्रबल दावेदार है|

बस यही विश्वास बजरंग के चाहने वालों को डरा रहा है| उनके गुरु भाई और कोच योगेश्वर से जब कभी बजरंग के बारे मे बात होती है तो वह देशवासियों का आशीर्वाद और दुआ चाहते हैं| गुरु श्रेष्ठ और बजरंग को बचपन से सिखाने-पढ़ाने वाले द्रोणाचार्य रामफल उसकी उपलब्धियों के कायल हैं किंतु कोई भी दावा करने से डरते हैं| योगी की तरह वह भी चाहते हैं कि उस पर बजरंग बलि की कृपा रहे और किसी की बुरी नज़र ना लगे| बेशक बजरंग सबका लाड़ला बन गया है| पूर्व राष्ट्रीय कोच राज सिंह, द्रोणाचार्य जगमिंदर, महावीर, महा सिंह राव, ओलंपियन सुजीत मान, राजीव तोमर, अशोक गर्ग, ओमवीर और तमाम हस्तियाँ उसकी तारीफ़ करते नहीं थकती| लेकिन ज़्यादातर कहते हैं कि उसे विरोधी पहलवानों से बच कर रहना होगा| चूँकि उसका कोई तोड़ नहीं है, इसलिए विपक्षी पहलवान उसके साथ कुछ भी ग़लत कर सकते हैं|

कई बार ऐसा भी हुआ है जब किसी बेहतर खिलाड़ी को हराने के लिए उसके करीयर तक को बर्बाद कर दिया गया| कुश्ती पंडितों के अनुसार बजरंग को बुरी नज़रों से बचाने की सख़्त ज़रूरत है| उसे कुछ खास आयोजनों मे ही भाग लेने भेजा जाना चाहिए ताकि ओलंपिक तक पूरी तरह फिट और उर्जावान बना रहे| यह ना भूलें कि फिलहाल एक वही ओलंपिक पदक की उम्मीद है|

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