खेलो इंडिया” एक बेतुका आयोजन !

राजेंद्र सजवान
“खेलो इंडिया”, इस नारे के साथ सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई 17 और 20 साल के खिलाड़ियों के राष्ट्रीय आयोजनों के बारे मे नये सिरे से सोचने का वक्त आ गया है| एक ओर तो सरकार चाहती है की देश का बचपन खेलेगा तो खिलेगा इंडिया तो दूसरी तरफ आलम यह है कि बचपने मे खेलने के लिए किसी के पास कोई योजना नहीं है| 17 से 20 साल की उम्र मे चीन, जापान, कोरिया, अमेरिका, जमैका, ब्राज़ील, इंग्लैंड, रोमानिया, फ्रांस, जर्मनी, रूस आदि देशों के खिलाड़ी ओलंपिक और विश्व चैम्पियन बन रहे हैं लेकिन इस उम्र मे भारतीय खिलाड़ियों को पहला सबक सिखाया जाता है जोकि,सरासर निंदनीय है|

सीधा सा मतलब है कि दूसरे देशों के चैम्पियन खिलाड़ी सात आठ साल से भी पहले खेल मैदान मे उतर जाते हैं और आठ दस साल मे परिपक्व हो जाते हैं| सवाल यह पैदा होता है कि जब इरादा देश को खेल महाशक्ति बनाने का है तो खेलो इंडिया जैसे आयोजन निरर्थक हैं और 19 साल की उम्र का उर्जा कप फुटबॉल टूर्नामेंट भी कोई मायने नहीं रखता, ऐसा देश के खेल जानकारों का मानना है|

हैरानी वाली बात यह है कि यह आयोजन तब किया गया जब देश मे अंडर17 विश्व कप का आयोजन नज़दीक खड़ा था| अर्थात खेलो इंडिया और उर्जा कप सिर्फ़ देश के पैसे की बर्बादी साबित हुए| इन आयोजनों मे उम्र की धोखाधड़ी भी जमकर हुई| बड़ी उम्र के खिलाड़ियों ने खूब धमाल मचाया| नतीजा सामने है| जब हम भविष्य के ओलंपिक पदक की उम्मीद को खोजते हैं तो हर तरफ निराशा का माहौल है| बजरंग पूनिया और कुछ एक निशानेबाजों को छोड़ बाकी कहीं कोई खिलाड़ी पदक का दावेदार नहीं लगता|

फिलहाल तमाम भारतीय खेलों के पास विदेशी कोच हैं और सभी मानते हैं कि भारत मे अधिकांश खिलाड़ी तब खेल को गंभीरता से लेते हैं जब अन्य देशों के खिलाड़ी आधे से ज़्यादा सफ़र तय कर चुके होते हैं| तैराकी, एथलेटिक, फुटबॉल, हॉकी, जिमनास्ति जैसे खेलों से जुड़े विदेशी कोच कहते हैं कि जब तक भारत मे आठ, दस, से पंद्रह साल तक के खिलाड़ियों को अधिकाधिक अवसर नहीं दिए जाते और उन्हें राष्ट्रीय एवम् अंतरराष्ट्रीय आयोजनों मे नहीं उतारा जाता, उनसे ओलंपिक और विश्व लेवल पर पदक जीतने की उम्मीद नहीं की जा सकती| ऐसे मे खेलो इंडिया का नारा प्लाप शो बन कर रह जाता है| सिर्फ़ खेलने का कोई औचित्य नहीं|

“खेलो और जीतो इंडिया” का नारा कारगर रहेगा| बेशक, उर्जा और विस्तृत सोच से भरे नये खेल मंत्री या तो खेलो इंडिया को नये प्रयोग के साथ शुरू करेंगे या कोई दूसरा विकल्प खोजना पड़ेगा|

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.