फुटबॉल के सीने पर क्रिकेट का धमाल

राजेंद्र सजवान
भारत मे सबसे पुराना और शायद सबसे पहले पेशेवर खेल के रूप मे स्थान पाने वाला खेल फुटबॉल है| भले ही क्रिकेट ने फुटबॉल को काफ़ी पीछे छोड़ दिया है लेकिन ऐसा नहीं है कि फुटबॉल की लोकप्रियता कम हुई हो या देश के बच्चों का फुटबॉल से मोह भंग हो गया हो| अफ़सोस की बात यहा है कि पिछले कुछ सालों मे जहाँ एक ओर भारतीय फुटबॉल के प्रदर्शन मे गिरावट आई है तो क्रिकेट का साम्राज्य लगातार फलफूल रहा है|

फुटबॉल के चाहने वालों को यह जान कर हैरानी होगी कि उनके अधिकांश मैदानों पर क्रिकेट ने कब्जा कर लिया है| बड़े-छोटे महानगरों, शहरों, गाँव-कस्बों मे फुटबॉल खेलने के मैदान, पार्क लगातार कम हो रहे हैं| दुनियाँ के सबसे लोकप्रिय खेल के लिए एक बुरी खबर यह भी है कि पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी, वर्तमान खिलाड़ी और कोच सीधे सीधे फुटबॉल मे दखल दे रहे हैं| राजधानी के फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए खेलने के मैदान नहीं बचे क्योंकि ज़्यादातर को क्रिकेट ने हथिया लिया है| राजधानी के कुछ सरकारी और अर्ध सरकारी विभागों के खेल मैदान क्रिकेट के चंगुल मे फँस गये हैं|

बड़े अधिकारियों से मिल कर कुछ क्रिकेटर मैदानों का ठेका उठा लेते हैं और फिर उँचे दाम लगाकर आगे बेच रहे हैं| इस गोरखधंधे मे दिल्ली देहात के कई खिलाड़ी और कोच बड़ी भूमिका निभा रहे हैं| फुटबॉल, हॉकी, बास्केट बॉल, तैराकी आदि खेलों का दर्द यह है कि उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं है| कुछ खिलाड़ियों के अनुसार एक अदना सा क्रिकेट खिलाड़ी बड़े से बड़े अधिकारी या राजनेता से मिल कर अपनी पसंद के मैदान पर कब्जा जमा लेता है| बाकी खेलों की कहीं कोई सुनवाई नहीं होती|

आलम यह है कि दिल्ली और देश के खेल मैदान ओलंपिक खेलों की पकड़ से बाहर हो रहे हैं| राजधानी के कुछ फुटबॉल खिलाड़ियों ने अपना दुखड़ा रोते हुए कहा कि जब से फुटबॉल और हॉकी मैदानों का ठेका क्रिकेटर उठा रहे हैं तबसे हालात बद से बदतर हो रहे हैं| क्रिकेटरों को भगवान मानने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारी औने-पौने उन्हें मैदान और स्टेडियम सौंप रहे हैं, जिन्हें भारी दाम लेकर फुटबॉल और अन्य अकादमियाँ चलाने वालों को बेचा जाता है| यह मिलीभगत भारतीय खेलों के लिए एक नई बीमारी के रूप मे सामने आई है और भविष्य मे इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं| सूत्रों से पता चला है कि कई सरकारी, गैर सरकारी, संस्थानों, स्कूलों, कालेजों और पार्कों पर जहाँ कहीं फुटबॉल खेली जाती थी, क्रिकेट ने प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कब्जा कर लिया है|

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