मीनाक्षी की कायल हैं मीनाक्षी लेखी

राजेंद्र सजवान
भारतीय तैराकी मे पाहूजा परिवार के योगदान को याद करते हुए सांसद मीनाक्षी लेखी ने जो कुछ कहा वह सचमुच भावविभोर कर देने वाला अनुभव था| इंडिया इंटरनेशल सेंटर मे आयोजित छोटे से समारोह मे सांसद महोदया ने मीनाक्षी के स्वर्गीय पिता वीके पाहूजा के योगदान को याद किया और कहा कि पाहूजा परिवार के साथ उनके संबंध बहुत पुराने हैं और मीनाक्षी के कारण आज तक यथावत कायम हैं| उन्होने मीनाक्षी पाहूजा द्वारा अपने पिता वी के पाहूजा की याद में संकलित और प्रकाशित स्टेटिकल बुलेटिन का विमोचन किया और कहा कि मीनाक्षी पाहूजा ने ना सिर्फ़ अपने पिता को सच्ची श्रधांजलि दी है अपितु बुलेटिन का 39वाँ संस्करण तैराकी में रूचि रखने वालों के लिए समग्र इतिहास भी है|

उल्लेखनीय है कि दिल्ली के माडर्न स्कूल में कार्यरत श्री पाहूजा अंतरराष्ट्रीय स्तर के तैराक, वाटर पोलो के धुरन्दर खिलाड़ी, लेखक और मंजे हुए कोच भी थे|मीनाक्षी लेखी ने भारत की विश्व विख्यात लंबी दूरी की तैराक और हाल ही मे राष्ट्रपति द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित मीनाक्षी पाहूजा के प्रयासों को जमकर सराहा और कहा कि उसने अपने पिता द्वारा शुरू की गई शानदार परंपरा को आगे बढ़ा कर भारतीय तैराकी मे बड़ा योगदान दिया है|

मीनाक्षी पाहूजा ने दुनियाँ के लगभग सभी समुद्रों को तैर कर पार किया है| उनका नाम अनेक रिकार्ड पुस्तिकाओं मे दर्ज है| इस अवसर पर भारतीय तैराकी संघ के उपाध्यक्ष बलराज शर्मा, पूर्व अंतरराष्ट्रीय तैराक सीता राम साहू, टोक्यो ओलंपिक की दहलीज पर खड़े उभरते तैराक कुशाग्र रावत, उनके पिता और कई अन्य हस्तियाँ मौजूद थे| बुलेटिन मे भारतीय तैराकी के राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनों, रिकार्डों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को बखूबी संजोया गया है| मुझे याद है वीरेंद्र पाहूजा 1989 में पद्मश्री से सम्मानित होने के बाद भी एक साधारण से खिलाड़ी, कोच और कार्यकर्ता की तरह अपने अख़बारी मित्रों से मिलते थे और मीनाक्षी के प्रदर्शन के बारे मे राय लेना नहीं भूलते थे|

वह तैराकी का एक चलता फिरता ग्रंथ थे| उनके द्वारा प्रकाशित तैराकी बुलेटिन की तैराकों, कोचों की तरह पत्रकारों को भी बेसब्री से प्रतीक्षा रहती थी| बेशक वह भारतीय तैराकी और भारतीय खेलों मे सबसे लोकप्रिय नाम थे और उनके नाम-सम्मान को मीनाक्षी ने भी बखूबी आगे बढ़ाया| तारीफ की बात यह है कि मीनाक्षी लेडी श्रीराम कालेज और देशभर के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनी हुई है और पिता के दिखाए मार्ग का अनुसरण कर रही है| खुद सांसद मीनाक्षी मानती हैं कि वह एक जीवट और चैम्पियन महिला हैं|

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.