मेरीकाम की जीत पर हंगामा !

राजेंद्र सजवान
छह बार की विश्व चैंपियन और ओलंपिक पदक विजेता मेरी काम ने बहुप्रतीक्षित और विवादास्पद मुकाबले में तेलंगाना की निकहत जरीन को 9-1 से हरा कर फरवरी में चीन में होने वाले ओलंपिक क्वालीफायर का टिकट हासिल कर लिया है। ज्ञातब्य है कि मेरीकाम की सीधी भागीदारी के विरोध में निकहत ने खेल मंत्री तक गुहार लगाई थी। अंततः बीएफआई को 51 किलो भार वर्ग के साथ चार अन्य भार वर्ग के मुकाबले इंदिरा गाँधी इनडोर स्टेडियम में आयोजित करने पड़े। लेकिन देश के मुक्केबाजी प्रेमियों की नजरें मेरी -निकहत भिड़ंत पर लगी थीं।

ऐसा स्वाभाविक भी था। दस जजों के बेंच ने जब निकहत को हारा हुआ करार दिया तो निकहत के पिता जमील अहमद की पहली प्रतिक्रिया रही कि उनकी बेटी को साजिश का शिकार बनाया गया है। उन्होंने सीधे सीधे बीएफआई पर निशाना साधा और कहा कि नतीजा पहले से तय था। मेरीकाम की बड़ी पहचान, राज्य सभा सांसद होना और फेडरेशन की मिलीभगत के कारण निकहत को हराया गया है। तेलंगाना मुक्केबाजी एसोसिएशन के सह सचिव एपी रेड्डी ने परिणाम पर हैरानी व्यक्त की और कहा कि वह समझ बैठे थे कि निकहत जीत गई है और अब वही क्वालीफायर में जाएगी|

उन्होने नतीजे को लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्था आइबा से शिकायत करने एलान भी किया| लेकिन भारतीय फ़ेडेरेशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि भारतीय मुक्केबाज़ी में यह बाउट एतिहासिक और पूरी तरह पारदर्शी थी| उनके अनुसार मेरीकाम बड़ा नाम है और उसने जीत दर्ज कर साबित किया हैकिवह अपने भार वर्ग में श्रेष्ठ है और यही फ़ेडेरेशन भी चाहती थी कि सभी भार वर्गों में चैम्पियन मुक्केबाज़ भाग लें| लेकिन मुक़ाबले के समापन पर जब मेरी काम ने निकहत से हाथ नहीं मिलाया और उसके पिता और तेलंगाना के समर्थकों को गुस्से में दुतकारा तो अजय सिंह ने इसे गुस्से में ली गई प्रतिक्रिया बताया और कहा कि दोनों तरफ तनाव था| उनके अनुसार देश के श्रेष्ठ और जानकार रेफ़री-जजों को मुक़ाबले के लिए नियुक्त किया गया था और कुछ भी ग़लत नहीं हुआ| मेरी काम ने जीत के बाद अपने चिर परिचित अंदाज में कहा कि उसने कदम कदम पर कई मुश्किलों का सामना किया और हर बार खुद को साबित भी किया है|

एक बार फिर उसने निकहत को हरा कर एक और बाधा दूर की है| उसने प्रतिद्वंद्वी के साथ हाथ नहीं मिलाने के फ़ैसले को सही करार दिया और कहा कि निकहत ने उसे नीचा दिखाने की कोशिश की जिसका जवाब इसी प्रकार दिया जा सकता है| जहाँ तक दोनों के बीच के मुक़ाबले की बात है तो मेरीकाम अधिकांश समय सिर्फ़ बचाव करती नज़र आईं| निकहत के कुछ पॅंच जोरदार थे| यही कारण है कि बाउट के परिणाम पर हैरानी व्यक्त की गई| अपनी सफाई देते हुए मेरिकाम ने मीडिया को यहाँ तक कह दिया कि उसने अपना काम कर दिया, आप को जो करना है-लिखना है करें| इस संवाददाता ने जब कुछ मुक्केबाज़ी एक्सपर्ट्स और जानकारों से जानना चाहा तो ज़्यादातर ने राय व्यक्त करने से इनकार कर दिया|

कुछ एक ने इतना ही कहा”आप सब जानते हैं”|
दिन के अन्य मुकाबलों में साक्षी(57किलो)ने सोनिया लाथेर को,सिमरन (60) नेसारिता देवी को, लॉविना(69) ने ललिता को और पूजा(75) ने नुपुर को परास्त कर ओलंपिक क्वालीफायर में भाग लेने का हक पाया|

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