ओलंपिक में चार पदक

राजेंद्र सजवान
चीन और पाकिस्तान के पहलवानों के भाग लेने को लेकर हमें किसी परकार की परेशानी नहीं है, बशर्ते दोनों देशों के दलों को भारत सरकार कीहरी झंडी मिल जाए| आज यहाँ भारतीय कुश्ती फ़ेडेरेशन (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह ने बताया कि 18 से 23 फ़रवरी तक इंदिरा गाँधी स्टेडियम में आयोजित की जाने वाली एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए दोनों देशों ने आवेदन किया है और वर्ल्ड रेसलिंग यूनियन एवम् आईओसी के नियमों के अनुसार उन्हें भाग लेने से नहीं रोका जा सकता| बशर्ते, चीन और पाकिस्तान के कुश्ती दल अंतरराष्ट्रीय मापदंडों पर खऱे उतरें| फ़ेडेरेशन अध्यक्ष के अनुसार चीन का 40 सदस्यीय और पाकिस्तान का पाँच सदस्यीय दल भाग लेने के लिए आवेदन कर चुका है, जिसके बारे में विदेश मंत्रालय को सूचित किया जा चुका है| चीन में करोना वायरस के चलते वीज़ा की समस्या हो सकतीहै, जबकि पाकिस्तान के साथ रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे| लेकिन ब्रज भूषण कहते हैं कि हम किसी को भी भाग लेने से नहीं रोक सकते| वैसे भी ओलंपिक वर्ष में हर कदम फूँक फूँक रखना होगा| हाँ, तमाम प्रक्रियाओं से गुजरने और संतुष्ट होने के बाद ही चीन और पाकिस्तान के पहलवानों के भाग लेने पर फ़ैसला हो पाएगा| चीनी पहलवानों और अधिकारियों को मेडिकल टेस्ट से भी गुज़रना है| चीन की सरकार ने अनुरोध किया है कि आपदा के वक्त उनके पहलवानों की मदद की जाएऔर हम मानवीय पहलू को देखते हुए ऐसा करेंगे| चैंपियनशिप में महाद्वीप के 20 देशों ने भाग लेने की पुष्टि की है|

भारत जीतेगा चार पदक:-
भारतीय पहलवानों की तैयारी से संतुष्ट फ़ेडेरेशन अध्यक्ष ने दावा किया कि उनके पहलवान इस बार तमाम रिकार्ड तोड़ने के लिए दृढ़ संकल्प हैं| बजरंग, विनेश, दीपक, रवि और अंशु को उन्होने स्वर्ण पदक का दावेदार बताया और कहा कि पिछली बार सिर्फ़ बजरंग स्वर्ण जीत पाया था और छह को रजत एवम् नौ को कांस्य मिले थे| लेकिन भारतीय पहलवान ओलंपिक तैयारी के चलते अपनी टाप फार्म में हैं और एशियन चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएँगे| उन्होने बाक़ायदा दृढ़ विश्वास के साथ कहा कि टोक्यो ओलंपिक में भारत कुश्ती के चार पदक जीत सकता है, जोकि एक बड़ा रिकार्ड होगा|

जो क्वालीफ़ाई करेगा वही जाएगा:-
एक सवाल के जवाब में नेताजी ने कहा कि इस बार किसी भी प्रकार के विवाद को नहीं पनपने देंगे और जो पहलवान ओलंपिक का टिकट लेकर आएगा वही टोक्यो जाएगा | यह बात अलग है कि चोट या किसी अन्य अपरिहार्य कारण से वह भाग लेने की स्थिति में ना हो तो किसी और के बारे में सोचा जा सकता है| रियो ओलंपिक के चलते सुशील और नरसिंह विवाद के कारण फ़ेडेरेशन को ख़ासी परेशानी का सामना करना पड़ा था| उन्होने स्पष्ट तौर पर कहा कि सुशील देश के सफलतम पहलवान हैं और जब चाहें अपना दावा पेश कर सकते हैं| लेकिन चयन प्रक्रिया के चलते उन्हें सामान्य पहलवानों की तरह ही ट्रीट किया जाएगा|

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