नवीन अग्रवाल (डीजी साई)टोक्यो ओलंपिक में डोपमुक्त भारत–

राजेंद्र सजवान
टोक्यो ओलंपिक में कितने भारतीय खिलाड़ी पदक के दावेदार है, यह सवाल जब कभी देश के खेल आकाओं, खिलाड़ियों और कोचों से पूछा जाता है तो अधिकांश या तो बड़े बड़े दावे करते हैं या मौन साध लेते हैं| अर्थात कुछ भी कह पाना आसान नहीं है| लेकिन राष्ट्रीय डोप रोधी एजेंसी(नाडा) के महानिदेशक नवीन अग्रवाल इतना दावे के साथ कहते हैं कि ओलंपिक में साफ सुथरा भारतीय दल भाग लेने जाएगा और किसी भी ऐसे खिलाड़ी को दल का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा, जिस पर नियम तोड़ने या देश की छवि बिगाड़ने का आरोप हो|

उल्लेखनीय है कि डोप उल्लंघन के मामले में भारतीय खिलाड़ी देश का नाम खराब करते आए हैं| रियो ओलंपिक से पहले जाने माने पहलवान नरसिंह यादव को लेकर आरोप प्रत्यारोपों का लंबा दौर चला था| ओलंपिक पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे नरसिंह यादव का मामला अब तक साफ नहीं हो पाया| लेकिन वह प्रतिबंध के चलते टोक्यो ओलंपिक में भाग नहीं ले पाएगा| नाडा प्रमुख कहते हैं कि 2020 के ओलंपिक में भाग लेने से पहले खिलाड़ियों को तीन बार टेस्ट से गुज़रना होगा| जो खिलाड़ी क्वालीफ़ाई कर चुके हैं या कतार में लगे हैं उनमें से अधिकांश के एक-दो टेस्ट लिए जा चुके हैं|

अग्रवाल कहते हैं कि भारत में डोप लेने के मामले बहुत कम तो नहीं हुए पर नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों को लगातार एजुकेट किया जा रहा है| अब ज़्यादातर ऐसे खिलाड़ी पकड़ में आ रहे हैं जोकि पदक जीतने का दम खम नहीं रखते पर क्षणिक लाभ के लिए नियमों से खेल रहे हैं| डोप लेकर ऐसे खिलाड़ी किसी भी तरह जीतना चाहते हैं और ग़लत कदम उठाते हैं| अर्थात ज़्यादातर ऐसे खिलाड़ी डोप ले रहे हैं, जो मुख्य धारा या पदक की उम्मीद वाली श्रेणी के नहीं हैं|

बड़े आयोजनों में भाग लेने वाले या बड़े कद वाले खिलाड़ी कभी भी ऐसा कदम नहीं उठाते| ऐसा नाडा द्वारा अधिक पकड़ धकड़ करने और उचित प्रतिबंध लगाने के कारण संभव हो पाया है| उनके अनुसार नाडा भारत को डोपमुक्त खेल राष्ट्र के रूप में देखना चाहता है| पदक भले ही कम मिलें लेकिन यदि हमारे खिलाड़ी पाक सॉफ हैं तो उन्हें विश्व स्तर पर सम्मान की नज़र से देखा जाएगा|

उन्होने माना कि भारतीय लैब को प्रतिबंधित किए जाने के बाद से डोप सैंपल कतर भेजे जा रहे हैं, जिन पर ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ा है| हालाँकि बजट में कमी हुई है पर सरकार ने तमाम खर्च उठाने का बीड़ा उठाया है| जहाँ तक सप्लिमेंट लेने की बात है तो नाडा खिलाड़ियों को पौष्टिकऔर संतुलित आहार लेने के लिए प्रोत्साहित करता है क्योंकि सप्लिमेंट के शुद्ध होने की कोई गारंटी नहीं है|

वह मानते हैं कि बॉडीबिल्डिंग और पावरलिफ्टिंग जैसे खेलों और जिम कल्चर के चलते डोप के मामले बढ़े हैं| उनके अनुसार अब राष्ट्रीय स्कूली खेलों और खेलो इंडिया के तमाम आयोजनों में भी डोप टेस्ट से गुजरने का प्रावधानहै और कई खिलाड़ी पकड़ में भी आए हैं| ज़ाहिर है खिलाड़ी खेल जीवन की शुरुआत से ही सावधान रहेंगे और उनका खेल भविष्य सुरक्षित और कामयाब रहेगा|

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