खेल मंत्री क्यों हैं डॉक्टर बत्रा के प्रशंसक!

राजेंद्र सजवान
यह तो वक्त ही बताएगा कि भारतीय हॉकी टीम टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतेगी या हमेशा की तरह दावे सिर्फ़ दावे ही रह जाएँगे| लेकिन पिछले कुछ सालों में हमारे खिलाड़ियों के प्रदर्शन में हुआ सुधार उम्मीदें बढाने वाला ज़रूर है| ख़ासकर, डाक्टर नरेंद्र ध्रुव बत्रा के अंतरराष्ट्रीय हॉकी फ़ेडेरेशन का अध्यक्ष बनने के बाद से बहुत कुछ बदल रहा है और अब उम्मीद की जा रही है कि ओलंपिक हॉकी में भारतीय हॉकी का भाग्योदय होने वाला है|

एफआईएच लीग में भारत के प्रदर्शन पर नज़र डालेंतो भारतीय खिलाड़ियों के लिए अब कोई भी टीम हौवा नहीं रही है| आस्ट्रेलिया, बेल्जियम, हालैंड, जर्मनी और तमाम देशों के खिलाड़ी और कोच भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस और खेल कौशल से हैरान हैं| लेकिन यह बदलाव रातों रात नहीं आया है| भारतीय हॉकी वह वक्त नहीं भूली है जब आर प्रसाद और केपीएस गिल के अध्यक्ष रहते हर तरफ अविश्वास जैसा माहौल था और अध्यक्ष महोदय प्राय: खिलाड़ियों और अधिकारियों की पहुँच से बाहर रहते थे|

लेकिन नरेंद्र बत्रा ने हॉकी इंडिया अध्यक्ष बनने के बाद इस दूरी को समाप्त किया और शायद अब एफआईएच अध्यक्ष का पद भार संभालने के बाद वह भारतीय खिलाड़ियों और अधिकारी कोचों के और करीब आए हैं| खिलाड़ियों के लिए उनके दरवाजे हर वक्त खुले हैं तो उन्हें खेल कौशल के हिसाब से यथोचित मान सम्मान और आर्थिक लाभ भी मिल रहा है| हॉकी इंडिया के पुरस्कार वितरण समारोह में खेल मंत्री किरण रिजुजू ने अपने लंबे संबोधन में डाक्टर बत्रा की जोरदार शब्दों में प्रशंसा की और कहा कि वह आईओए अध्यक्ष के रूप में शानदार काम कर रहे हैं और भारतीय हॉकी जहाँ आज है उसका पूरा श्रेय उन्हें ही जाता है|

शायद ही किसी खेल मंत्री ने आईओए अध्यक्ष को लेकर कभी ऐसी प्रतिक्रिया व्यक्त की हो| किसी खेल मंत्री और आईओए अध्यक्ष के बीच ऐसी समझ बूझ और तालमेल पहले शायद ही कभी देखने को मिला हो| कुछ साल पीछे चलें तो पूर्व आईओए अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी और उनके समय के तमाम खेल मंत्रियों के बीच छतीस का आँकड़ा रहा| ख़ासकर, ओलंपिक वर्ष में उनके विवाद मीडिया का आकर्षण रहे और प्रमुख खबर बने| डाक्टर बत्रा द्वारा पूर्व ओलम्पियनों को यथोचित सम्मान देना और हॉकी इंडिया में उनके लिए यथासंभव स्थान सुरक्षित रखना टीम के गठन में काम आया है|

पूर्व खिलाड़ियों के नाम पर खेल अवार्डों का गठन, मनप्रीत, रानी रामपाल, हरमन प्रीत, विवेक सागर प्रसाद, मंदीप सिंह आदि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और आर्थिक लाभ देना सराहनीय कदम कहा जाएगा| इतना तय है कि ओलंपिक के लिए क्वालीफ़ाई होने वाली टीमें यदि कोई पदक जीत पाईं तो नरेंद्र बत्रा इस कामयाबी के अग्रदूत के रूप में याद किए जाएँगे|

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.