अभिशाप बने हॉकी स्टेडियम

राजेंद्र सजवानदेश की सरकारें, खेल मंत्रालय और खेल संघ भले ही खेलों के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने का ढोल पीटें लेकिन सच्चाई यह है कि कोई भी गंभीर नहीं है| हैरानी वाली बात यह है जिस खेल को हम वर्षों तक राष्ट्रीय खेल का गीदड़ पट्टा टाँग कर घुमाते-फिराते रहे उसके प्रति भी … Continue reading अभिशाप बने हॉकी स्टेडियम