श्याम लाल कॉलेज में राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेलकूद और व्याख्यान का आयोजन
- कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रबी नारायण कर ने कहा कि “एक घंटा खेल के मैदान में” का संदेश यह है कि युवा सक्रिय जीवनशैली अपनाए और खेलों को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाए
- प्रतिष्ठित खेल पत्रकार राकेश थपलियाल ने ‘ओलंपिक्स एवं पैरालंपिक्स’ विषय पर मुख्य व्याख्यान में मेजर ध्यानचंद की उपलब्धियों के साथ ओलंपिक्स एवं पैरालंपिक्स में भारत की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए विद्यार्थियों को उच्च स्तर का खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित किया
- कॉलेज के एसोशिएट प्रोफेसर (खेल) वी.एस. जग्गी ने सभी विद्यार्थियों को खेल व शिक्षा में अनुशासन और मेहनत से चमकने का संदेश देते हुए कॉलेज प्रबंधन उनकी हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया
संवाददाता
नई दिल्ली। राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली विश्वविद्यालय के श्याम लाल कॉलेज में ‘एक घंटा खेल के मैदान में’ का संदेश देते हुए खेल स्पर्धाओं और ‘ओलंपिक्स एवं पैरालंपिक्स’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के महानायक मेजर ध्यानचंद को समर्पित है। तेज बारिश के बावजूद विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह से वॉलीबॉल खेला और जीवन में खेल खेलने के महत्व को समझा। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रबी नारायण कर ने कहा कि “एक घंटा खेल के मैदान में” का यह संदेश युवाओं को सक्रिय जीवनशैली अपनाने और खेलों को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करता है।
देश के प्रतिष्ठित खेल पत्रकार राकेश थपलियाल ने ‘ओलंपिक्स एवं पैरालंपिक्स’ विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को मेजर ध्यानचंद की उपलब्धियों के साथ ओलंपिक्स एवं पैरालंपिक्स में भारत की उपलब्धियों और खिलाड़ियों की मेहनत और त्याग के बारे में बताने के साथ केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराते हुए उन्हें उच्च स्तर का खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित किया।
कॉलेज के एसोशिएट प्रोफेसर (खेल) वी.एस. जग्गी ने सभी विद्यार्थियों को खेल और शिक्षा में अनुशासन और मेहनत से चमकने का संदेश देते हुए भरोसा दिलाया कि कॉलेज प्रबंधन उनकी हर संभव सहायता करेगा। डॉ. मुक्ता रोहतगी और डॉ. सुमिता शर्मा ने भी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। डॉ. ख्याती ने विद्यार्थियों को चोटों से बचकर पूरी तरह फिट रहने के बारे में जानकारी दी।

वरिष्ठ पत्रकार