इंदिरा गाँधी इंस्टीट्यूट की महिला टीम ने जीता 12वें पद्मश्री श्याम लाल मेमोरियल हॉकी टूर्नामेंट का खिताब
- आईजीआईपीएसएस ने फाइनल में पूर्व चैम्पियन दिल्ली यूनिवर्सिटी एलुमना को सडनडेथ में 8-7 से पराजित किया
- विजेता टीम की खिलाड़ी यशस्वी ने प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड प्राप्त किया
- फाइनल मैच के मुख्य अतिथि जितेंद्र महाजन (एम एल ए, रोहतास नगर), रितेश सूजी, (पार्षद, वेलकम वार्ड), श्याम लाल कॉलेज (प्रातः) के प्रिंसिपल प्रो. रबि नारायण कर ने खिलाडियों को पुरस्कार प्रदान किए
संवाददाता
नई दिल्ली। इंदिरा गाँधी इंस्टीट्यूट ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंस (आईजीआईपीईएसएस) ने 12वें पद्मश्री श्याम लाल मेमोरियल हॉकी टूर्नामेंट में महिला वर्ग का खिताब जीत लिया। आईजीआईपीएसएस ने श्याम लाल कॉलेज मैदान में खेले गए फाइनल में पूर्व चैम्पियन दिल्ली यूनिवर्सिटी एलुमना को कांटे के संघर्ष के बाद सडनडेथ में 8-7 से पराजित किया। विजेता टीम की खिलाड़ी यशस्वी ने प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड प्राप्त किया।

श्याम लाल कॉलेज के मैदान पर खेले गए फाइनल में इंदिरा गाँधी इंस्टीट्यूट ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंस (आईजीआईपीईएसएस) और दिल्ली यूनिवर्सिटी एलुमना के बीच निर्धारित समय में मुकाबला 2-2 से बराबरी पर रहा था। इसके बाद टाईब्रेकर में भी दोनों टीमों ने पांच-पांच गोल कर दिए और स्कोर 7-7 हो गया। तब सडनडेथ में इंदिरा गाँधी इंस्टीट्यूट ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंस ने बाज़ी मार 8-7 से मैच और खिताब जीत लिया। विजेता टीम के लिए पिंकी, सुकन्या और बिंदु ने दो- दो गोल किए। आँचल, और सोमवती ने एक-एक गोल किया। पराजित टीम के लिए मनीता ने तीन, विधि ने दो और सोनिका व कंचन ने एक-एक गोल किया।

प्रिंसिपल प्रो. रबि नारायण कर ने सभी अतिथियों का धन्यवाद करते हुए खिलाडियों को बधाई दी और विरेंद्र सिंह जग्गी को बेहतरीन आयोजन के लिए सराहा और उम्मीद जताई कि खिलाडी इसी तरह मेहनत करते रहेंगे। फाइनल मैच के मुख्य अतिथि जितेंद्र महाजन (एम एल ए, रोहतास नगर), रितेश सूजी, (पार्षद, वेलकम वार्ड), श्याम लाल कॉलेज (प्रातः) के प्रिंसिपल प्रो. रबि नारायण कर ने खिलाडियों को पुरस्कार प्रदान किए।

महाजन ने खिलाडियों को प्रोत्साहित करते हुए हॉकी के खेल में मेहनत कर नई ऊंचाइयों को छूने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि “श्याम लाल कॉलेज में हॉकी की 40 साल पुरानी परंपरा रही है। मैं भी यहीं का विद्यार्थी रहा हूँ। जब हॉकी का मैच यूनिवर्सिटी में होता था तो तीन यू स्पेशल बसें समर्थकों से भर कर जातीं थी। वी एस जग्गी को मैंने विद्यार्थी के रूप में खेलते भी देखा है और अब ये बच्चों को बढ़ावा दे रहे हैं।”


वरिष्ठ पत्रकार
