July 9, 2026

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इंडियन सुपर लीग के लिए क्लब-संचालित कमर्शियल मॉडल की रूपरेखा तैयार

  • एआईएफएफ  ने क्लबों से ‘राष्ट्रीय हित’ का ध्यान रखते हुए खिलाड़ियों को लंबे समय तक नेशनल टीम के लिए रिलीज़ करने का अनुरोध किया

संवाददाता

नई दिल्ली: ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) और इंडियन सुपर लीग की मैनेजिंग कमिटी (जिसमें एफसी गोवा, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी और स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली शामिल हैं) ने आईएसएल के कमर्शियल अधिकार और फेडरेशन मुख्य ऑपरेशनल पहलुओं पर प्रशासनिक नियंत्रण और देखरेख को लेकर घोषणा की। यह कदम दुनिया भर में प्रचलित क्लब-संचालित कमर्शियल मॉडल की ओर एक बदलाव है, जिसमें कमर्शियल अधिकार क्लबों के पास होंगे। बुधवार को राजधानी नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एआईएफएफ के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल एम. सत्यनारायण, हेड ऑफ़ कॉम्पिटिशन्स अक्षय रोहतगी, एफसी गोवा के सीईओ रवि पुस्कुर, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के सीईओ मंदार ताम्हणे और स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली के सीईओ ध्रुव सूद ने उपरोक्त घोषणा की।

   सत्यनारायण ने कहा, “हमारी तरफ से, हम इस लीग को एशिया की बेहतरीन लीगों में से एक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हम सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश और नए नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट को भी ध्यान में रख रहे हैं।” नए सीज़न के बारे में विस्तार से बताते हुए ताम्हणे ने कहा, “यह ब्रॉडकास्ट-आधारित मॉडल होगा। हम क्लब-संचालित मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं क्योंकि क्लब और एआईएफएफ दोनों का मानना ​​है कि लंबे समय की कमर्शियल और वित्तीय स्थिरता के नज़रिए से यह सही तरीका है।”

   क्लब/मैनेजिंग कमिटी ब्रॉडकास्ट पार्टनर खोजने और स्पॉन्सरशिप पर काम करने के लिए आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोज़ल) जारी करेंगे। फेडरेशन सभी 14 क्लबों को पत्र भेजकर उनसे अपनी भागीदारी की पुष्टि करने के लिए कहेगी। 2026-27 सीज़न ‘होम-एंड-अवे’ फ़ॉर्मेट में खेला जाएगा। पुस्कुर ने कहा, “हमारा सीज़न पूरी तरह से आयोजित होगा, जिसमें हर टीम अपने होम और अवे मैच पूरे कोटे के साथ खेलेगी, न कि किसी छोटे फ़ॉर्मेट में। हम फेडरेशन के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लीग जितनी सफल हो सकती है, उतनी हो।”

   लीग का कैलेंडर फीफा के पुरुष इंटरनेशनल मैच विंडो (जो सितंबर, अक्टूबर, नवंबर और मार्च में तय हैं) और एएफसी क्लब कॉम्पिटिशन के शेड्यूल को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। इससे नेशनल टीम और कॉन्टिनेंटल कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने वाले क्लबों (एफसी गोवा और ईस्ट बंगाल एफसी) की बेहतर तैयारी सुनिश्चित हो सकेगी।

   क्लबों द्वारा नेशनल टीम के लिए खिलाड़ियों को रिलीज़ करने के मुद्दे पर सत्यनारायण ने कहा, “हमने क्लबों के साथ कई दौर की बातचीत की है और उनसे ‘राष्ट्रीय हित’ के लिए खिलाड़ियों को लंबे समय तक रिलीज़ करने का अनुरोध किया है। हम इस प्रक्रिया में जितनी जल्दी आगे बढ़ेंगे, शेड्यूल की योजना उतनी ही बेहतर बना पाएंगे। हमें उम्मीद है कि क्लबों के सहयोग से ऐसा होगा, खासकर इसलिए क्योंकि अब लीग को क्लब और फेडरेशन मिलकर चला रहे हैं।”

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