वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 में भारतीय धावक बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार
- किरण मातरे, डॉ. कार्तिक करकेरा लिली दास और अंकिता ध्यानी पर रहेंगी नजरें
- भारतीय एलीट पुरुष और महिला वर्ग में शीर्ष तीन स्थान हासिल करने वाले धावकों को क्रमशः 3,50,000, 2,50,000 और 1,50,000 रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी
- नया भारतीय एलीट रिकॉर्ड बनाने वाले धावक को 1,00,000 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी
संवाददाता
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026: 21वीं वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में इस बार भारतीय एलीट वर्ग में पिछले साल के उप-विजेता किरण मातरे, 2024 की भारतीय एलीट महिला चैंपियन लिली दास, उभरती लंबी दूरी की धाविका अंकिता ध्यानी और डॉ. कार्तिक करकेरा शामिल होंगे। सभी की नजरें घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन करने पर टिकी हैं।
मातरे ने पिछले साल 1 घंटा 4 मिनट 57 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया था। इस बार उनकी नजर दूसरे स्थान से बेहतर प्रदर्शन करने पर है। हालांकि, इस साल की शुरुआत में कूल्हे की चोट के कारण उनकी तैयारियां प्रभावित हुई थीं और वह अभी उससे उबर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मेरी तैयारी अच्छी है और मैं दौड़ को लेकर उत्साहित हूं। मैं निश्चित रूप से अपना सर्वश्रेष्ठ समय हासिल करने की कोशिश करूंगा।”

2024 में भारतीय एलीट महिला वर्ग का खिताब जीतने वाली लिली दास पिछले साल 1 घंटा 16 मिनट 27 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रही थीं। उन्होंने पिछले वर्ष की तुलना में अपने समय में दो मिनट का सुधार किया था, लेकिन इसके बावजूद वह पदक जीतने से चूक गईं। महिला वर्ग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए दास अंकिता ध्यानी को मजबूत प्रतिद्वंद्वी मानती हैं।
दास ने कहा, “मुझे लगता है कि मुकाबला लगातार कड़ा होता जा रहा है। मैंने पिछले साल 2024 के अपने समय में दो मिनट का सुधार किया, फिर भी पोडियम पर जगह नहीं बना सकी। अंकिता बेहद कड़ी चुनौती पेश करती हैं। उम्मीद है कि हम दोनों एक-दूसरे को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेंगी और अच्छी टाइमिंग के साथ दौड़ पूरी करेंगी।”

ट्रैक पर दौड़ने का अच्छा अनुभव रखने वाली अंकिता ध्यानी ने पिछले साल इसी प्रतियोगिता में हाफ मैराथन के जरिए सड़क पर दौड़ने की शुरुआत की थी। वह भारतीय एलीट महिला वर्ग में पांचवें स्थान पर रही थीं। उन्होंने 1 घंटा 17 मिनट 52 सेकंड का समय लिया था। अंकिता ने कहा, “मेरा अनुभव अभी कम है, लेकिन मैं दौड़ के दौरान समझदारी से रणनीति अपनाऊंगी। मुझे उम्मीद है कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाऊंगी।”
डॉ. कार्तिक करकेरा ने भी इस प्रतियोगिता में लगातार सुधार किया है। अपने पहले प्रयास में वह भारतीय एलीट धावकों में अंतिम स्थान पर रहे थे। इसके बाद उन्होंने 2024 में 10वां और 2025 में तीसरा स्थान हासिल किया। इस साल की शुरुआत में एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण करने वाले कार्तिक अब अपने प्रदर्शन को और बेहतर करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मैं सही दिशा में आगे बढ़ रहा हूं। मैं पूर्णता के बजाय लगातार सुधार पर ध्यान देने की कोशिश करता हूं। हाफ मैराथन आज भी मेरी पसंदीदा स्पर्धाओं में से एक है।”

भारतीय एलीट पुरुष और महिला वर्ग में शीर्ष तीन स्थान हासिल करने वाले धावकों को क्रमशः 3,50,000 रुपये, 2,50,000 रुपये और 1,50,000 रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके अलावा, इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में नया भारतीय एलीट रिकॉर्ड बनाने वाले धावक को 1,00,000 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी।

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