October 21, 2026

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हीरो विमेंस इंडियन ओपन: डिफेंडिंग चैंपियन शैनन टैन और एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट प्रणवी उर्स पर रहेंगी नजरें

  • गुरुवार से शुरू हो रहे एचडब्लूआईओ के 18वें संस्करण में 31 (4 एमेच्योर) भारतीयों सहित कुल 114 गोल्फर शिरकत करेंगी
  • 500,000 डॉलर इनामी राशि वाला भारत का नेशनल ओपन डीएलएफ गोल्फ एंड कंट्री क्लब खेला जाएगा
  • मौजूदा चैंपियन शैनन टैन (2025) के अलावा तीन पूर्व विजेता लिज़ यंग (2024), कैमिली शेवेलियर (2017), पोर्ननोंग फाटलुम (2008, 2009 और 2012) शिरकत कर रही है

संवाददाता

गुरुग्राम, 21 अक्टूबर 2026: एशियन गेम्स में तगड़ा मुकाबला करने के बाद सिंगापुर की शैनन टैन और भारत की प्रणवी उर्स एक बार फिर 500,000 अमेरिकी डॉलर इनामी राशि वाले ‘हीरो विमेंस इंडियन ओपन’ (HWIO) में एक-दूसरे का सामना करेंगी। इस महीने की शुरुआत में जापान के आइची-नागोया में प्रणवी ने भारत के लिए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था, जबकि शैनन को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा था। हालांकि, शैनन ‘हीरो विमेंस इंडियन ओपन’ की मौजूदा चैंपियन हैं, जबकि प्रणवी भारतीय विजेता बनने की कोशिश करेंगी। 2016 में अदिति अशोक की जीत के बाद से कोई भी भारतीय गोल्फर ऐसा नहीं कर पाया है।

   यह टूर्नामेंट 22 से 25 अक्टूबर, 2026 तक चुनौतीपूर्ण ‘DLF गोल्फ एंड कंट्री क्लब’ में आयोजित किया जाएगा। खिलाड़ियों के सामने न केवल इस गोल्फ की कठिनाइयों से निपटने चुनौती की चुनौती होगी, बल्कि टूर्नामेंट के लिए यहां आए दुनिया की बेहतरीन गोल्फर्स से भी मुकाबला करना होगा। इस इस बार चार पूर्व एचडब्लूआईओ चैंपियन हिस्सा ले रही हैं, जिनके नाम कुल छह जीत दर्ज हैं – शैनन टैन (2025), लिज़ यंग (2024), कैमिल शेवेलियर (2017) और पोर्ननोंग फाटलम (2008, 2009 और 2012)। पोर्ननोंग 14 साल बाद यहाँ वापसी कर रही हैं।

   इसके अलावा, ‘लेडीज यूरोपियन टूर’ (एलईटी) ‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’ की तीन पूर्व विजेता शैनन टैन (2025), स्विट्जरलैंड की चियारा टैम्बुरलिनी (2024) और थाईलैंड की त्रिचत चींगलाब (2023) भी यहां मौजूद हैं। साथ ही, इस सीजन की चार विजेता इंग्लैंड की एलेनोर गिवेंस (वीपी बैंक स्विस लेडीज ओपन), थाईलैंड की ऑन्चिसा उतामा (डच लेडीज ओपन), जर्मनी की लियोनी हार्म (अमुंडी जर्मन मास्टर्स) और फ्रांस की अगाथे लाइसने (जोबर्ग लेडीज ओपन और फोर्ड विमेंस एनएसडब्लू ओपन) भी मैदान में हैं। इन अंतरराष्ट्रीय स्टार खिलाड़ियों के बीच, भारतीय गोल्फर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश करेंगी। प्रणवी के अलावा भारतीय चुनौती पेश करने वाली खिलाड़ियों में दो बार की लेडीज यूरोपियन टूर विजेता दीक्षा डागर शामिल हैं, जो हाल ही में जापान में हुए एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली महिला टीम का हिस्सा थीं। इनके अलावा, पिछले साल यहां तीसरे स्थान पर रहीं हिताशी बख्शी, पिछले साल संयुक्त रूप से 5वें स्थान पर रहीं अवनि प्रशांत, और त्वेसा मलिक, वाणी कपूर व अमनदीप ड्राल जैसी अनुभवी खिलाड़ी भी मैदान में होंगी।

सफलता को दोहराने की कोशिश में शैनन टैन

2025 की एलईटी ‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’ चैंपियन के रूप में गुरुग्राम पहुंचीं 22 वर्षीय सिंगापुर की खिलाड़ी, पिछले सीजन में जीते अपने खिताब को बचाने के इरादे से उतरी हैं। उनके लिए हालात इससे बेहतर नहीं हो सकते थे। इसके साथ ही, 2024 में यहां अपने पहले ही टूर्नामेंट में उप-विजेता (रनर-अप) रहने का अनुभव भी उनके पास है, जो उनके आत्मविश्वास को और बढ़ाता है। यहां गैरी प्लेयर द्वारा डिज़ाइन किए गए कोर्स पर खेलने का शैनन का अनुभव टूर्नामेंट के 18वें संस्करण में बहुत काम आएगा।

   एलईटी में एक और शानदार सीजन के बाद यहां आई आ रही शैनन के शब्द बहुत सधे हुए हैं और एक चैंपियन की मानसिकता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, “मैं पूरे साल इस इवेंट का बेसब्री से इंतजार कर रही थी, लेकिन मैं इसे किसी भी अन्य टूर्नामेंट की तरह ही लूंगी – अपने प्रोसेस और रूटीन पर ध्यान दूंगी, और बिल्कुल वैसे ही खेलूंगी जैसे मैं किसी सामान्य दिन खेलती हूँ।”

पोर्ननोंग फाटलम की रही हैं सुखद यादें

घर वापसी हमेशा सुखद होती है, और जब यह वापसी एलपीजीए स्टार पोर्ननोंग फाटलम जैसी हो, तो माहौल पुरानी यादों से भर जाता है। कई अंतरराष्ट्रीय सितारों की तरह फाटलम भी वैश्विक मंच पर अपनी सफलता के लिए श्रेय भारत को देती हैं। समय के साथ, वह एक वैश्विक नाम बन गईं। एचडब्लूआईओ ने इस अनुभवी थाई खिलाड़ी के लिए आगे का रास्ता तैयार किया, और अब तीन बार की विजेता के लिए यह एक तरह की ‘वापसी’ होगी। एचडब्लूआईओ का खिताब ने 2008 में फाटलम की पहली जीत के साथ उनके लिए अंतराष्ट्रीय दरवाजे खोले, जिसके तुरंत बाद वह एलबीजीए के लिए क्वालीफाई कर गईं और अमेरिका में लंबे समय तक खेलीं।

   फाटलम अगले ही साल, 2009 में वापस लौटीं और उन्होंने सफलतापूर्वक अपने खिताब का बचाव किया। एचडब्लूआईओ में शानदार प्रदर्शन और एलपीजीए में अपनी बढ़ती साख के दम पर, फाटलम ने 2012 के टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और यहां तीसरी बार खिताब जीतने में सफल रहीं। काफी समय बीत चुका है और एचडब्लूआईओ के प्रतिष्ठित चैंपियनों की सूची में कई और नाम जुड़ गए हैं, लेकिन फाटलम की तीन जीतें आज भी इस राष्ट्रीय ओपन और इसके गौरवशाली इतिहास के सबसे अहम आंकड़ों में से एक हैं।

लिज़ यंग को कामयाबी दोहराने की उम्मीद

लिज़ यंग एक खास मकसद के साथ भारत आई हैं—अपने लंबे और सफल करियर में एक नया मोड़ लाने के लिए। लेडीज यूरोपियन टूर पर अपनी आखिरी जीत के बाद से, यह अनुभवी ब्रिटिश खिलाड़ी जीत के काफी करीब तो पहुंचीं, लेकिन पोडियम तक पहुंचने का आखिरी कदम उनसे हमेशा दूर ही रहा। इससे बेहतर मौका और क्या हो सकता है… एलईटी पर अपनी तीसरी जीत की तलाश पूरी करने के लिए DLF गोल्फ एंड कंट्री क्लब से बेहतर जगह और क्या हो सकती है? 2024 एचडब्लूआईओ में गोल्फ का कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जहाँ लिज़ ने अपने शानदार जज्बे का प्रदर्शन किया। अनुभव और युवा जोश के बीच हुई इस टक्कर में, लिज़ ने शैनन टैन को बहुत ही कम अंतर से हराया। 2024 की यादों को ताजा करते हुए लिज़ ने कहा, “डीएलएफ उन कुछ गोल्फ कोर्स में से एक है, जहाँ आपको हर शॉट खेलने से पहले बहुत सोच-समझकर फैसला लेना पड़ता है, खुद को सही स्थिति में रखना होता है और बहुत ज्यादा लालच करने से बचना होता है। मेरी यहाँ से बहुत अच्छी यादें जुड़ी हैं और मैं अपने गेम प्लान पर ही कायम रहूँगी।”

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