ग्रीन वैली ने जीता वेटरन फुटबॉल का उत्तरांचल कप
- ग्रीन वैली ने फाइनल मुकाबले में ओल्डमोंक को टाई ब्रेकर के जरिये 3-2 से पराजित किया
- टूर्नामेंट का आकर्षण बीते जमाने के धुरंधर खिलाड़ियोंक उपस्थिति रही
- माता पार्वती देवी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा प्रायोजित इस 7-ए-साइड टूर्नामेंट में दिल्ली-एनसीआर की आठ टीमों ने भाग लिया
राजेंद्र सजवान
थोड़ा सा लीक से हटकर और फुटबॉल की खूबसूरती को बरकरार रखते हुए रविवार को राजधानी दिल्ली स्थित केंद्रीय सचिवालय मैदान, विनय मार्ग पर वेटरन्स खिलाड़ियों (50+) का एक अभूतपूर्व एकदिनी फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया जिसमें ग्रीन वैली क्लब ने उत्तरांचल कप जीतकर वाह-वाही लूटी। माता पार्वती देवी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा प्रायोजित 7-ए-साइड टूर्नामेंट में दिल्ली-एनसीआर की आठ टीमों ने भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में माता पार्वती देवी चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक महावीर सिँह राणा, विक्रम राणा और आशुतोष रावत की भूमिका सराहनीय रही।

पहले उत्तरांचल कप 7-ए-साइड टूर्नामेंट का ख़िताब भले ही ग्रीन वैली ने जीता लेकिन सभी मुकाबले बेहद करीबी और रोमांचक रहे। इसलिए क्योंकि भाग लेने वाली टीमों के अधिकतर खिलाड़ी अपने समय के जानदार खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। राजधानी के टॉप क्लबों को सेवाएं देने वाले फुटबॉलरों ने जिस कौशल और दमखम का प्रदर्शन किया उसे देखकर फुटबॉल प्रेमी हैरान थे। आयोजन को तब चार चाँद लग गए जब बीते कल के खिलाड़ी वर्षों बाद दर्शक दीर्घाओं में देखे गए। 1970-80 के दशक में दिल्ली के जाने-माने क्लबों -शिमला यंग्स, गढ़वाल हीरोज, यंग मैन, मून लाइट, न्यू दिल्ली हीरोज, यंगस्टर्स, सिटी आदि क्लबों और विभागीय टीमों में अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करने वाले स्टार खिलाड़ियों ने आयोजन को जमकर सराहा।

उपस्थित हस्तियों में सर्व श्री गुमान सिँह रावत, भीम सिँह भंडारी, जीवा नन्द, विजय राम ध्यानी, हरेंद्र नेगी, कमल जदली, रविन्द्र रावत गुड्डू, वीरेंद्र मालकोटी, रामा सुब्रमण्यम, माइकल राज, शिवा, वाई. एस. असवाल, डेंज़िल और देशराज जैसे नाम शामिल हैं। जाने-माने कोच पी.एस. पुरी ने मैचों का बखूबी संचालन किया। गढ़वाल भवन के उपाध्यक्ष शैलेन्द्र नेगी, महासचिव पवन मैठानी और सलाहकार ब्रिज मोहन उप्रेती और मयूर पब्लिक स्कूल के मनवर रावत पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल हुए।

ग्रीन वैली ने खिताबी मुकाबला टाई ब्रेकर में जीता:- ग्रीन वैली और ओल्डमोंक के बीच खेला गया फाइनल रोमांचक रहा। निर्धारित समय तक मुकाबला गोल शून्य पर समाप्त हुआ। अंततः ग्रीन वैली ने टाई ब्रेकर में 3-2 की जीत के साथ ख़िताब पर कब्ज़ा किया। सेमीफइनल में ओल्ड मोंक ने सेकंड इनिंग को और चैंपियन ग्रीन वैली ने नोएडा वेटरंस को 2-0 के समान अंतर से परास्त किया।

