October 20, 2026

sajwansports

sajwansports पर पड़े latest sports news, India vs England test series news, local sports and special featured clean bold article.

प्रणवी उर्स हीरो विमेंस इंडियन ओपन 2026 में भी स्वर्णिम कमायबी दोहराने के लिए उत्सुक

  • 500,000 अमेरिकी डॉलर इनामी राशि वाले टूर्नामेंट 22 से 25 अक्टूबर तक गुरुग्राम के DLF गोल्फ एंड कंट्री क्लब में खेला जाएगा
  • आइची-नागोया में एशियाड स्वर्ण पदक जीतने के बाद प्रणवी उर्स नए आत्मविश्वास के साथ इस चार दिवसीय ‘नेशनल ओपन’ में उतरेंगी

संवाददाता

गुरुग्राम, 20 अक्तूबर 2026: गोल्फ की दुनिया प्रणवी उर्स पर मेहरबान है, और इस हफ्ते 500,000 अमेरिकी डॉलर इनामी राशि वाले ‘हीरो विमेंस इंडियन ओपन’ (HWIO) 2026 में भी किस्मत उनका साथ दे सकती है। शानदार स्वर्णिम सफलता ने न केवल इस युवा प्रोफेशनल गोल्फर के करियर को एक नई दिशा दी है, बल्कि इस उपलब्धि से भारतीय महिला गोल्फ की तस्वीर-तकदीर बदलने सकती है। आइची-नागोया में भारत का प्रतिनिधित्व करने का गर्व तो एशियाड स्वर्ण पदक विजेता प्रणवी उर्स और टीम रजत पदक विजेता दीक्षा डागर को जीवन भर रहेगा, लेकिन 22 से 25 अक्टूबर तक गुरुग्राम में होने वाला ‘हीरो विमेंस इंडियन ओपन’ दोनों का अपना नेशनल टूर्नामेंट है। लिहाजा, उनके लिए यह एकदम खास होगा।

   और हो भी क्यों न! प्रणवी DLF गोल्फ एंड कंट्री क्लब में वापस आकर बहुत खुश हैं, जिसे वह अपना ‘होम ग्राउंड’ मानती हैं। यहाँ की जानी-पहचानी परिस्थितियों का फायदा उन्हें इस चार दिवसीय टूर्नामेंट में मिल सकता है। अगर उन्हें किसी प्रतिद्वंद्वी से कड़ी चुनौती मिलेगी, तो वह टूर्नामेंट की मौजूदा चैंपियन सिंगापुर की शैनन टैन होंगी। जापान में कड़े मुकाबले के दौरान इन दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी। असल में, अगर शैनन न बतातीं, तो प्रणवी को पता ही नहीं चलता कि उन्होंने विनिंग पट (जीत दिलाने वाला शॉट) लगा दिया है।

   लेकिन वो बात पुरानी हो चुकी है, और प्रणवी को पूरा भरोसा है कि अब ऐसी चूक दोबारा नहीं होगी। एशियाई खेलों की चैंपियन के रूप में पोडियम पर चढ़ने का आत्मविश्वास उनमें साफ झलकता है। प्रणवी ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि इस बार शैनन को मुझे 18वें ग्रीन पर (जीत के बारे में) बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी।” पिछले साल HWIO में चौथे स्थान पर रहने के बाद, अब उनके पास उससे कहीं बेहतर प्रदर्शन करने का मौका है। प्रणवी अच्छी तरह जानती हैं कि अपनी शानदार फॉर्म को वह अपनी पहली लेडीज यूरोपियन टूर (एलईटी) जीत में बदल सकती हैं।

  • दीक्षा के सपने का सच होना

   जहाँ प्रणवी ने एक सुनहरी कामयाबी हासिल की, वहीं दीक्षा डागर ने भी जापान में अपना एक ‘सपना’ पूरा किया। उन्होंने प्रणवी उर्स और अदिति अशोक के साथ मिलकर गोल्फ की विमेंस टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। दीक्षा उस समय दर्द से जूझ रही थीं। एशियाई खेलों के दौरान इन तीनों खिलाड़ियों ने जिस तरह की परिस्थितियों का सामना किया, उसी से एक चैंपियन की असली मानसिकता सामने आती है। लेडीज यूरोपियन टूर के सीजन 2026 में दीक्षा की शानदार शुरुआत घुटने की चोट के कारण फीकी पड़ गई। वह अपनी इच्छा के अनुसार अभ्यास नहीं कर पाईं, जिसका असर लेडीज यूरोपियन टूर 2026 सीज़न के दूसरे भाग के नतीजों में देखने को मिला।

   वह हार मान सकती थीं, लेकिन जापान में मिले इस हफ़्ते का पूरा फ़ायदा उठाने के उनके पक्के इरादे ने मुश्किलों पर जीत हासिल कर ली। दो बार की एलईटी चैंपियन दीक्षा ने कहा, “टीम मेडल जीतना मेरा एक सपना था, इसलिए ऐसा लगा जैसे मैंने एक अहम लक्ष्य पूरा कर लिया हो। मैं पिछले एशियाई खेलों में भी मेडल जीतना चाहती थी, क्योंकि तब मैं अच्छा गोल्फ़ खेल रही थी, लेकिन खेल में ऐसा होता रहता है।”

   एलईटी में 2027 तक उनके खेलने के अधिकार सुरक्षित हैं, लेकिन दीक्षा बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए हार मानने वालों में से नहीं हैं। वह टूर पर अपनी किस्मत बदलने के इस ‘घरेलू’ मौके को हाथ से जाने नहीं देंगी। अगर पुरानी यादें हौसला बढ़ा सकती हैं, तो दीक्षा के पास एक मज़बूत याद है—2023 के हीरो विमेंस इंडिया ओपन में तीसरे स्थान पर रहना। यह उनके आत्मविश्वास को मज़बूत करने में बहुत मददगार साबित होगा।

  • हिताशी बोली, सीखने का सिलसिला कभी नहीं रुकता

   हिताशी बख्शी पिछले साल हीरो विमेंस इंडिया ओपन में तीसरे स्थान पर रहकर सबसे बेहतरीन भारतीय खिलाड़ी थी और यह अनुभव उन्हें इस बार प्रेरित करेगा। संभव है कि आगे चलकर एलईटी में और भी बड़े नतीजे उन्हें मिले। गोल्फ़ एक अजीब खेल हो सकता है। इसके अनिश्चित स्वभाव को समझते हुए, हिताशी ने लेडीज यूरोपियन टूर में मिली असफलताओं से अपने सबक सीखे हैं। भले ही धीरे-धीरे, लेकिन उन्होंने जो सीखा है वह अब दिखने लगा है, और वह लगातार बेहतरी कोशिश करने के लिए तैयार हैं। पिछले साल टूर्नामेंट के अंतिम दिन रविवार को स्थानीय दर्शकों की चहेती बनीं हिताशी, इस बार कहीं ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ लौटी हैं। हिताशी ने कहा, “मैं हर दिन कोर्स को थोड़ा बेहतर समझने की कोशिश कर रही हूँ। मेरी योजना एक बार में एक शॉट खेलने की है, और फिर देखते हैं कि यह मुझे कहाँ तक ले जाता है।”

  • हीरो मोटोकॉर्प का महिला गोल्फ़ पर फ़ोकस

   भारत में महिला गोल्फ़ के लंबे समय से प्रायोजक रहे ‘हीरो मोटोकॉर्प’ ने इस क्षेत्र में शानदार भूमिका निभाई है। कंपनी ने एक बार फिर इस उद्देश्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। हीरो मोटोकॉर्प के ग्लोबल बिजनेस, ग्लोबल प्रोडक्ट प्लानिंग और ग्लोबल मार्केट इनसाइट्स के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, संजय भान ने कहा, “हीरो मोटोकॉर्प के प्रतिनिधित के तौर पर, हमारा मानना ​​है कि खेलों में अवसर पैदा करने, पुरानी धारणाओं को चुनौती देने और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने की ताकत होती है। महिला गोल्फ इसी प्रतिबद्धता का एक अहम हिस्सा है। इसका मकसद एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना, प्रतिभाओं को निखारना और ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इस खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। हमारे एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, डॉ. पवन मुंजाल के विजन से प्रेरित होकर, महिला गोल्फ के दीर्घकालिक विकास को समर्थन देना हमारी मुख्य प्राथमिकताओं में से एक है।”

  • एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को मिलेगा इनाम

   एशियाई खेलों में मिली शानदार सफलता से उत्साहित, विमेंट गोल्फ एसोसिएशन ऑफ इंडिया (डब्लूजीएआई) की अध्यक्ष कविता सिंह ने महिला गोल्फ को बढ़ावा देने के लिए कई कदमों की घोषणा की। उन्होंनें कहा, “डब्लूजीएआई एक ऐसे प्रोग्राम पर काम कर रहा है, जिसका मकसद कुछ खिलाड़ियों को सपोर्ट करना और उन्हें ओलंपिक के लिए तैयार करना है। यह अभी योजना के चरण में है, लेकिन हम मेरिट-आधारित चयन प्रक्रिया के जरिए उभरते हुए खिलाड़ियों को मदद देना चाहते हैं। हम उनके विकास के हर पहलू पर ध्यान देंगे, जिसमें डाइट, न्यूट्रिशन, मेंटल कोचिंग, फिजिकल फिटनेस और DLF एकेडमी में ट्रेनिंग शामिल है।”

   एशियन गेम्स में तीन पदक विजेता गोल्फरों की उपलब्धि का सम्मान करते हुए, डब्लूजीएआई की अध्यक्ष ने स्वर्ण पदक जीतने के लिए प्रणवी को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। साथ ही, टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली प्रणवी, दीक्षा और अदिति में से प्रत्येक खिलाड़ी को 3-3 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की भी घोषणा की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *