बीएफआई की अंदरुनी कलह के बीच ओलंपियन, अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता भारतीय बॉक्सिंग को बचाने उतरे
- पूर्व दिग्गजों ने बॉक्सिंग महासंघ के नेतृत्व से सवाल करते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही, एकता और जमीनी स्तर से विकास की व्यापक योजना लागू करने मांग की
- इन दिग्गजों ने खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ और वर्ल्ड बॉक्सिंग फेडरेशन से भी इस मामले पर हस्ताक्षेप करने आग्रह किया
- बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह और महासचिव प्रमोद कुमार के बीच झगड़े से बीएफआई के टूटने का खतरा
संवाददाता
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026: भारतीय बॉक्सिंग के भविष्य को बचाने और खेल में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ओलंपियन, अर्जुन पुरस्कार विजेता, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता, वरिष्ठ प्रशिक्षक, पूर्व अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज और खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्तियां एकजुट हुईं। शनिवार को राजधानी दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन खेल हस्तियों ने बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक व्यवस्था और भारतीय बॉक्सिंग की भविष्य की दिशा को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने महासंघ में एकता बहाल करने, खिलाड़ियों के हितों को सर्वोपरि रखने और देश में बॉक्सिंग के विकास के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को अर्जुन पुरस्कार विजेता एवं वरिष्ठ प्रशिक्षक राजकुमार सांगवान, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता एस.आर. सिंह, अनूप सिंह, जयपाल सिंह सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रशिक्षकों तथा अर्जुन पुरस्कार विजेता मुक्केबाज मनोज कुमार, धयाल और अन्य खेल हस्तियों ने संबोधित किया। इस मौके पर बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव प्रमोद कुमार भी पहुंचे, जिनको अध्यक्ष अजय सिंह ने सस्पेंड कर दिया। इसके जवाब में प्रमोद कुमार अपने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं। इस तरह फेडरेशन के अधिकारियों की भिड़ंत की कीमत भारतीय मुक्केबाजी चुका रही है। 28 अक्टूबर को फेडरेशन की विशेष आम सभा की बैठक बुलाई गई है, जिसमें अविश्वास प्रस्ताव के जरिये निर्धारित होगा कि फेडरेशन पर किसका कंट्रोल होगा। लेकिन इसकी भी संभावना है कि हारने वाला पक्ष अदालत का रुख कर सकता है और ऐसे में दो गुटों में बंटी बीएफआई का कामकाज प्रभावित होगा। दो फाड़ होने की स्थिति में मुक्केबाजों का भविष्य चौपट होना तय होगा।

हालांकि महासचिव प्रमोद कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि उनके लिए खिलाड़ियों के हित सर्वोपरि है और वह व्यक्तिगत हित के लिए फेडरेशन में नहीं है। लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि अगर अध्यक्ष मनमानी कर रहे थे तो आप पिछले 14 महीनों से चुप क्यों थे। क्यों आपने विरोध नहीं किया? क्यों आपने खिलाड़ियों की हर टीम के प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करके उसको हरी झंडी दी? लेकिन उन्होंने इस सवालों के जवाब देने की बजाय अपनी सफाई और परेशानियां गिनाना शुरू कर दिया और कहा कि महासंघ में सचिव के रूप में काम करते हुए उन्हें कई प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद उन्होंने जमीनी स्तर पर बॉक्सिंग को बढ़ावा देने, युवा प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। उल्लेखनीय है कि अजय सिंह को फेडरेशन में पिछला चुनाव जिताने में प्रमोद कुमार की भूमिका रही थी, तब अजय ने उन्हें अपना हनुमान बताया था। लिहाजा, आज ऐसा क्या हो गया, जब दोनों आमने-सामने आ गए हैं।
वहीं, इस मौके पर मौजूद खेल हस्तियों ने भारतीय बॉक्सिंग के विकास के लिए एक स्पष्ट, मापनीय और समयबद्ध राष्ट्रीय योजना तैयार करने की मांग की। उनका कहना था कि इस योजना में जमीनी स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रमों, जिला एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं, राष्ट्रीय चैंपियनशिप, प्रतिभा पहचान, कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप नियमित रूप से आयोजित होनी चाहिए और उनकी योजना काफी पहले तैयार की जानी चाहिए। विशेष रूप से सब-जूनियर और जूनियर खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

वक्ताओं ने कहा कि पिछली पीढ़ियों ने राज्य स्तरीय चैंपियनशिप, अखिल भारतीय बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से भारतीय बॉक्सिंग की मजबूत नींव तैयार की है। इसलिए अनुभवी प्रशिक्षकों, पुरस्कार विजेताओं, पूर्व चैंपियनों और वरिष्ठ खेल प्रशासकों को नीतिगत निर्णयों तथा विकास योजनाओं के निर्माण में उचित भागीदारी दी जानी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बॉक्सिंग जगत के भीतर बढ़ते मतभेदों और आपसी एकता की कमी पर भी चिंता व्यक्त की गई। खेल हस्तियों ने कहा कि बीएफआई अध्यक्ष और महासचिव प्रमोद कुमार की जिम्मेदारी है कि वे सभी हितधारकों को साथ लेकर चलें, विश्वास बहाल करें और संवाद एवं सामूहिक निर्णय प्रक्रिया के माध्यम से मतभेदों का समाधान करें। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित खेल हस्तियों ने भारत के माननीय प्रधानमंत्री और केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री से पूरे मामले में उठाई गई चिंताओं पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की।
उन्होंने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ और वर्ल्ड बॉक्सिंग से भी आग्रह किया कि वे इन चिंताओं की निष्पक्ष समीक्षा को प्रोत्साहित करें तथा महासंघ में पारदर्शी और संविधान सम्मत प्रशासन सुनिश्चित करने में सहयोग दें। भारतीय बॉक्सिंग बचाओ। एकता बहाल करो। जवाबदेही सुनिश्चित करो। भारत को चैंपियन राष्ट्र बनाओ।

वरिष्ठ पत्रकार
