October 22, 2026

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हीरो विमेंस इंडियन ओपन के पहले दिन चियारा टैम्बुरलिनी सबसे आगे

  • लीडर से एक स्ट्रोक पीछे मौजूदा चैंपियन शैनन टैन 4-अंडर 68 का कार्ड खेलकर संयुक्त दूसरे स्थान पर चल रही हैं
  • प्रणवी उर्स और अवनि प्रशांत दो अंडर स्कोर के साथ संयुक्त 5वें स्थान पर हैं

संवाददाता

गुरुग्राम, 22 अक्टूबर 2026: 18वें हीरो विमेंस इंडियन ओपन में चियारा टैम्बुरलिनी का शानदार प्रदर्शन आकर्षण रहा, क्योंकि वह गुरुवार को एक स्ट्रोक की बढ़त बनाने सफल रहीं। वहीं, पहले दिन के खेल के दौरान मौजूदा चैंपियन सिंगापुर की शैनन टैन और भारत की एशियन गेम्स स्वर्ण पदक विजेता प्रणवी उर्स के बीच की अच्छी दोस्ती भी देखने को मिली। शाम 5:57 बजे अंधेरा होने के कारण दिन का खेल रोकना पड़ा, उस समय स्वीडन की एंड्रिया लिग्नेल 18वें फेयरवे पर थीं। दूसरे राउंड का खेल शुक्रवार सुबह 6:40 बजे शुरू होगा।

   बहरहाल, इस चुनौतीपूर्ण डीएलएफ गोल्फ एंड कंट्री क्लब में अक्सर खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहता, लेकिन 18वें संस्करण के पहले दिन शैनन और प्रणवी ने बेहतरीन खेल दिखाया। उल्लेखनीय है कि प्रणवी इस टूर्नामेंट में खेल रही तीन ‘हीरो मोटोकॉर्प’ ब्रांड एंबेसडरों में से एक हैं। लेडीज यूरोपियन टूर (एलईटी) 2025 की ‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’ चैंपियन शैनन गुरुग्राम में अपना दूसरा खिताब जीतने की कोशिश कर रही हैं। सिंगापुर की 22 वर्षीया गोल्फर ने बिना किसी गलती किए 4-अंडर 68 का कार्ड खेला। वह अर्जेंटीना की मैग्डेलेना सिमरमाकर के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, जबकि स्विट्जरलैंड की चियारा टैम्बुरलिनी 5-अंडर 67 के कार्ड के साथ सबसे आगे हैं।

   लीडर से तीन शॉट पीछे, प्रणवी और अवनि प्रशांत संयुक्त 5वें स्थान पर हैं, जो कि भारतीयों में सबसे आगे हैं। सुबह शैनन के साथ एक ही ग्रुप में खेल रहीं प्रणवी ने 2-अंडर 70 का स्कोर किया। अगर उन्हें पेट की समस्या (स्टमक बग) न होती, तो वह और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती थीं, क्योंकि इस परेशानी की वजह से उनके लिए खेलना मुश्किल हो गया था। प्रणवी ने कहा, “यह गोल्फ कोर्स काफी चुनौतीपूर्ण है, ऐसे में [बीमारी] होना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। मुझे बस खुद को संभालना था और खेलना था, जो मैंने बहुत अच्छे से किया।” शैनन के कुछ अच्छे शब्दों ने प्रणवी की हौंसलाफजाई की, जिससे भारतीय गोल्फर को बहुत सकारात्मक मदद मिली।

  • समय के साथ आगे बढ़ रही है दोनों की दोस्ती

एशियाई खेलों में इन दोनों के बीच हुए कड़े मुकाबले के बारे में काफी कुछ लिखा गया है, लेकिन जापान में चले इस उतार-चढ़ाव भरे मुकाबले के दौरान उनके बीच कोई कड़वाहट नहीं थी। आइची-नागोया में प्रणवी ने जीत हासिल की और शैनन को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। लेकिन, पेशेवर खेलों की इस बेहद प्रतिस्पर्धी दुनिया में एक सुखद अहसास तब देखने को मिला, जब जापान में फाइनल राउंड खत्म होने के करीब था और शैनन ने प्रणवी के कान में कुछ कहा।

   प्रणवी ने उस बारे में बताया, “शैनन ने कहा कि अगर वह नहीं जीतती, तो वह चाहती थी कि मैं जीतूं। और जब उसने अपनी पहली जीत (2024 मैजिकल केन्या लेडीज ओपन में) हासिल की थी, तब मैं वहां मौजूद थी। शैनन को इस बात की खुशी थी कि मेरी पहली जीत के समय वह भी वहां मौजूद थी।” इन दोनों की दोस्ती की शुरुआत एक दशक से पहले जूनियर गोल्फर के तौर पर हुई थी।

  • अनुभव ने धैर्य बनाए रखना सिखाया

डीएलएफ गोल्फ एंड कंट्री क्लब में सालों तक खेलने के अनुभव ने मैग्डेलेना सिमरमाकर को शांत रहना सिखा दिया है। जब 18वें होल पर उनका तीसरा शॉट पानी में चला गया, तो ‘बोगी’ (bogey) का खतरा मंडराने लगा। उन्होंने खुद से पूछा, “अब तुम इसे कैसे संभालोगी (यानी ‘पार’ कैसे बचाओगी)?” 30 वर्षीया मैग्डेलेना ने बताया कि इसका तरीका यही था कि “खेलती रहो, खुद को मौके देती रहो और गेंद को होल के करीब लाने की कोशिश करो ताकि ‘पार’ (par) बचाया जा सके।” इस गोल्फ कोर्स पर ‘बोगी’ (bogeys) लगना एक आम बात है। इस बार तो वह बच गईं, लेकिन बैक-नाइन के छठे होल पर उन्हें एक ‘ड्रॉप्ड शॉट’ (यानी बोगी) का सामना करना ही पड़ा।

   हीरो मोटोकॉर्प की अन्य ब्रांड एंबेसडर, त्वेसा मलिक और दीक्षा डागर के लिए आज का दिन मिला-जुला रहा। त्वेसा 71 के स्कोर (अंडर-पार) के साथ संयुक्त 9वें स्थान पर रहीं, जबकि दीक्षा 77 के स्कोर (फाइव-ओवर) के साथ संयुक्त 62वें स्थान पर रहीं।

  • चोट के बाद भी अवनी की सहज गोल्फ

अवनी प्रशांत का यह राउंड लेडीज यूरोपियन टूर पर उनके उतार-चढ़ाव भरे सीजन से बिल्कुल अलग था। उनके अनुसार, चोट और लगातार नौ हफ्तों तक गोल्फ खेलने के कारण उनकी L3, L4 और L5 डिस्क में उभार (bulge) और बढ़ गया था।

   इस संघर्ष का असर उनके नतीजों पर भी दिखा। एक समय तो ऐसा आ गया था कि ‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’ में भारी गिरावट के कारण, 20 वर्षीय अवनी के सामने 2027 के एलईटी सीजन के लिए अपने ‘प्लेइंग राइट्स’ (खेलने का अधिकार) खोने का खतरा मंडराने लगा था। साल के आखिरी हिस्से में किए गए शानदार प्रदर्शन ने उन्हें सुरक्षित स्थिति में पहुंचा दिया है, और गुरुवार को उनके खेल में यह राहत साफ झलक रही थी। अवनी ने कहा, “मेरा ‘अप्रोच गेम’ अब तक का सबसे बेहतरीन रहा। कुछ फ्लैग्स (लक्ष्यों) पर आक्रामक तरीके से खेलना और गेंद को उनके इतना करीब पहुंचा पाना, मेरे लिए खुशी की बात है।”

   वहीं, क्लबहाउस लीडर चियारा टैम्बुरलिनी ने अपने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। हालांकि भारत में उनके पिछले नतीजे उनके ऊंचे स्तर के अनुरूप नहीं रहे थे, लेकिन 2024 एलईटी ‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’ चैंपियन, स्विट्जरलैंड की इस खिलाड़ी ने कुछ बेहतरीन राउंड खेले हैं। गुरुवार का 67 का स्कोर भी इसी कड़ी का हिस्सा था, जिसे चियारा ने “सिंपल गोल्फ” (सरल और सहज खेल) का नाम दिया। उन्होंने कहा, “मैंने कई फेयरवे पर सटीक शॉट लगाए और अपने आयरन क्लबों के साथ भी काफी सहज महसूस किया। मैंने कई ‘पट्स’ (putts) को सफलतापूर्वक पूरा किया, और निश्चित रूप से ‘पटर’ (putter) की मदद से ही मैं इतना अच्छा स्कोर कर पाई।”

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