एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय दल को मिली भव्य विदाई
- खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पी.टी. उषा ने 503 सदस्यीय दल को विदाई दी
- डॉ. मनसुख मांडविया बोले, “मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा दल एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करेगा और देश का गौरव बढ़ाएगा”
- भारतीय दल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाली इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में अपनी चुनौती पेश करेगा
संवाददाता
नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने मंगलवार को एशियाई खेल 2026 के लिए चुने गए भारतीय दल को विदाई दी। भारत का 503 सदस्यीय दल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाली इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में अपनी चुनौती पेश करेगा। राजधानी दिल्ली में हुए इस विदाई समारोह में भारतीय दल के खिलाड़ी, प्रशिक्षक, सहयोगी स्टाफ, गणमान्य व्यक्ति और आयोजन से जुड़े साझेदार शामिल हुए। इस दौरान खिलाड़ियों ने आगामी एशियाई खेलों के लिए अपनी तैयारियों और देश के लिए शानदार प्रदर्शन करने के संकल्प का प्रदर्शन किया।
समारोह में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष डॉ. पी.टी. उषा, भारतीय दल के खिलाड़ी, प्रशिक्षक, सहयोगी स्टाफ और साझेदार मौजूद रहे। इस अवसर पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, “हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। दिन-ब-दिन और साल-दर-साल हम आगे बढ़ रहे हैं। हमें दबाव को प्रदर्शन में, प्रतिद्वंद्वी को अवसर में और अवसर को उपलब्धि में बदलना होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा दल एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करेगा और देश का गौरव बढ़ाएगा।” उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और भारतीय खेल लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों से बड़े मंच के दबाव को अपनी ताकत में बदलकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का आह्वान किया।

भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पी.टी. उषा ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, “इस अवसर से अभिभूत मत हों, बल्कि ऐसा प्रदर्शन करें कि यह अवसर आपको याद रखे। खुद को देखें और याद करें कि आप कितनी दूर तक पहुंचे हैं। आपने एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाई है।” उन्होंने कहा, “उम्मीदों का बोझ अपने साथ मत लेकर जाएं, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बनाएं। मैदान में उतरें, प्रतियोगिता का आनंद लें और अपना सब कुछ झोंक दें। आत्मविश्वास, साहस, विनम्रता और इस विश्वास के साथ आगे बढ़ें कि आप एशिया के किसी भी खिलाड़ी के साथ मुकाबला कर सकते हैं।”
विदाई समारोह में खिलाड़ियों के अनुभव और तैयारियों को सामने लाने के लिए एक विशेष पैनल चर्चा का भी आयोजन किया गया। इसमें ओलंपिक पदक विजेता स्वप्निल कुसाले, राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अस्मिता डे, राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता एवं भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव और भारतीय कबड्डी स्टार पवन सहरावत ने हिस्सा लिया। पैनल चर्चा के दौरान खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों की चुनौती, बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन के दबाव और पदक जीतने के लिए जरूरी मानसिक मजबूती पर अपने विचार साझा किए।

एशियाई खेलों में भाग लेने को लेकर जूडो स्टार अस्मिता ने कहा, “एशियाई खेल बहुत कठिन होते हैं। जूडो की शुरुआत जापान से हुई है और मेरे भार वर्ग श्रेणी में जूडो के कई दिग्गज खिलाड़ी हैं। मेरी श्रेणी में विश्व रैंकिंग में सातवें, आठवें और 14वें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी भी हैं।” उन्होंने कहा, “इस पदक को जीतने के लिए मुझे पहले से कहीं अधिक कड़ी तैयारी करनी होगी और उनमें से हर एक को हराने के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।”
भारत के लिए ये एशियाई खेल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि देश ने 2023 में हांगझोउ में हुए एशियाई खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 107 पदक जीते थे। भारतीय खिलाड़ियों ने इन खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को पदक तालिका में मजबूत स्थिति दिलाई थी। 2023 के ऐतिहासिक प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की उम्मीद के साथ भारतीय ओलंपिक संघ और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने इस बार के भारतीय दल की तैयारियों पर भरोसा जताया है। दोनों संस्थाओं को उम्मीद है कि भारतीय खिलाड़ी आइची-नागोया में अपने प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित करेंगे और पिछले एशियाई खेलों की पदक उपलब्धियों को और आगे बढ़ाएंगे।


वरिष्ठ पत्रकार
