September 13, 2026

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…वरना आत्महत्या कर लूंगी!

  • कोटा की वुशू खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी के एक बयान ने खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण और टीम प्रबंधन की नींदे उड़ा दी हैं
  • दिव्यांशी ने आरोप लगाया है कि एशियाड से ऐन पहले उसे अनफिट बता कर वुशू टीम से बाहर कर दिया गया है
  • दिव्यांशी का आरोप है कि वुशू टीम में उसका चयन कर लिया गया था लेकिन अब रोशिबीना नाम की ऐसी खिलाड़ी को टीम में शामिल किया जा रहा है, जिसे उसने जून में श्रीनगर में हुए अंतिम ट्रायल में हरा कर एशियाड में भाग लेने का हक़ पाया था

राजेंद्र सजवान  

एशियाड मुंह बाएं खड़ा है। महाद्वीप के तमाम देश पूरी तैयारी के साथ जापान की उड़ान पकड़ने वाले हैं। इधर अधिकांश भारतीय खेलों ने खिलाड़ियों की घोषणा कर दी है। लेकिन कोटा की वुशू खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी के एक बयान ने खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण और टीम प्रबंधन की नींदे उड़ा दी हैं। दिव्यांशी ने आरोप लगाया है कि वुशू टीम में उसका चयन कर लिया गया था लेकिन अब रोशिबीना नाम की ऐसी खिलाड़ी को टीम में शामिल किया जा रहा है, जिसे उसने जून में श्रीनगर में हुए अंतिम ट्रायल में हरा कर एशियाड में भाग लेने का हक़ पाया था। एशियाड से ऐन पहले उसे अनफिट बताकर टीम से बाहर कर दिया गया है।

   वुशू फेडरेशन का कहना है कि साई की मेडिकल जांच में दिव्यांशी को कंधे की चोट के चलते अनफिट करार दिया गया है। लेकिन दिब्यांशी कह रही है कि उसके साथ कोई समस्या नहीं है और पूरी तरह फिट है और यदि उसे भाग लेने से रोका गया तो वह आत्महत्या कर लेगी। क्योंकि डॉक्टर ने उसे पूरी तरह फिट बताया है इसलिए वह पीछे हटने वाली नहीं है। उसे किट दी जा चुकी थी। बाकायदा टिकट भी बुक थी तो उसे रोकने का सवाल कैसे पैदा हो गया?

   यह सही है कि दिव्यांशी मात्र 18 साल की उभरती खिलाड़ी है तो रोशिबीना ने पिछले एशियाड में रजत पदक जीता था। ऐसे में 60 किलो वर्ग में पेंच बुरी तरह फंस गया है। सवाल यह पैदा होता है कि यदि खिलाड़ी ने ट्रायल दे दिया और वह खुद को फिट बता रही है तो डॉक्टर कौन होता है उसे रोकने वाला। दिव्यांशी को टीम से हटाने का मामला वायरल हो चुका है। वह रो-रो कर अपनी व्यथा सुना रही है। इसमें दो राय नहीं कि रोशिबीना एक अनुभवी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी है लेकिन नियम सब के लिए एक जैसे हैं। अब तो बस एक ही रास्ता बचता है। वह यह कि दिव्यांशी की फिटनेस जाँचने के लिए फिर से ट्रायल लिया जाए, जो कि आसान काम नहीं है। शायद दोनों खिलाड़ी फिर से आमना-सामना ना करें। खासकर दिव्यांशी तो कतई तैयार नहीं होगी। इसलिए क्योंकि वह नियमनुसार क्वालिफाई हुई है।

इस लेख के छपने से पहले वुशू फेडरेशन ने रोशिबीना के नाम को हरी झंडी दिखा दी हैl साई ने अपनी रिपोर्ट में दिव्यांशी को एक बार फिर चोटिल बताया है। खबर है कि पीड़ित खिलाड़ी को समझा-बुझा कर शांत कर दिया गया है।

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