एशियाड के आईने में, ओलम्पिक की उम्मीद
- भारतीय खिलाड़ियों से इस बार आधिकाधिक पदकों की उम्मीद इसलिए की जा रही है, क्योंकि उनको आधिकाधिक सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा है
- जानकारों के अनुसार, चीन लगातार बढ़त बनाए रखेगा और भारतीय प्रदर्शन के बारे में इतना कहा जा सकता है कि तीसरा-चौथा स्थान मिल सकता है
- कोई चमत्कार हुआ, चीन के बाद दूसरे नंबर पर रहे और 40 स्वर्ण सहित 130 पदक जीत पाते हैं तो दो साल बाद होने वाले ओलम्पिक गेम्स के लिए तैयारी को बल मिलेगा
राजेंद्र सजवान
बीसवें एशियन गेम्स के लिए जापान का आइची नागोया तैयार है। 19 सितम्बर से चार अक्टूबर तक होने वाली महाद्वीपीय प्रतियोगिता में 43 खेलों का आयोजन किया जाना है, जिनके प्रदर्शन से ना सिर्फ एशिया का दमखम नजर आएगा अपितु हमें भी अपनी हैसियत का आईना नजर आ जाएगा और पता चलेगा कि 2028 के ओलम्पिक खेलों के लिए भारत और उसके खिलाड़ी कितने तैयार हैं। जहां तक भारतीय उम्मीद की बात है तो हॉकी, एथलेटिक्स, निशानेबाजी, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, तीरंदाजी, कुश्ती, कबड्डी, बैडमिंटन, क्रिकेट आदि खेलों में हमारे खिलाड़ी हमेशा की तरह बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं। एशियाड और ओलम्पिक खेलों में एथलेटिक्स, तैराकी और जिम्नास्टिक ऐसे खेल हैं, जिनमें पदकों की बरसात होती है। लेकिन दुर्भाग्य से भारत के तैराक और जिम्नास्ट इन शीर्ष प्रतियोगिताओं में हमेशा कमजोर रहे हैं। एथलेटिक्स में जरूर कुछ एक पदक मिलते रहे हैं।

हैरानी वाली बात यह है कि 1951 के पहले एशियाई खेलों में भारत ने अपनी मेजबानी 15 स्वर्ण सहित 20 पदक जीते थे। 2022 के पिछले संस्करण में भारत 22 स्वर्ण जीत पाया था। कुल पदक थे 106, जो कि अब तक का श्रेष्ठ प्रदर्शन था। भारतीय खिलाड़ियों से इस बार आधिकाधिक पदकों की उम्मीद इसलिए की जा रही है, क्योंकि उनको आधिकाधिक सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा है। यह दावा सरकार के खेल मंत्रालय और खेल प्राधिकरण ने किया है।
अब देखना यह होगा कि चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के विरुद्ध हमारे खिलाड़ी कैसा करते हैं। जानकारों और खेल विशेषज्ञों की राय पूछें तो चीन लगातार बढ़त बनाए रखेगा। जापान कड़ी टक्कर दे सकता है तो कोरिया को कमतर आंकना भूल होगी। भारतीय प्रदर्शन के बारे में इतना कहा जा सकता है कि तीसरा-चौथा स्थान मिल सकता है। और कोई चमत्कार हुआ, चीन के बाद दूसरे नंबर पर रहे और 40 स्वर्ण सहित 130 पदक जीत पाते हैं तो दो साल बाद होने वाले ओलम्पिक गेम्स के लिए तैयारी को बल मिलेगा, ऐसा विशेषज्ञ मानते हैं। वरना, दावे करने वालों की पोल खुल जाएगी।

