400 मीटर का विश्व रिकॉर्ड तोड़ना चाहती हैं दो बार की ओलंपिक चैंपियन शौने मिलर-उइबो
- वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन (वीडीएचएम) 2026 की अंतरराष्ट्रीय इवेंट एंबेसडर बनीं मिलर-उइबो पहली बार भारत आई हैं
- बाहमास की चैंपियन रनर ने अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 की तैयारी शुरू
संवाददाता
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026: दो बार की ओलंपिक चैंपियन शौने मिलर-उइबो का अगला बड़ा लक्ष्य महिला 400 मीटर दौड़ स्पर्धा का विश्व रिकॉर्ड तोड़ना है। वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन (वीडीएचएम) 2026 की अंतरराष्ट्रीय इवेंट एंबेसडर बनीं मिलर-उइबो ने गुरुवार को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान इसका खुलासा करते हुए कहा, “मैं 400 मीटर का विश्व रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश करना चाहती हूं।” नई दिल्ली में रविवार को वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस का 21वां संस्करण आयोजित किया जाएगा जिसमें हिस्सा लेने वाले धावकों का उत्साह बढ़ाने और उनका समर्थन करने के लिए यह चैंपियन मौजूद रहेंगी।
मिलर-उइबो ने कहा, “मैं 400 मीटर में हर वह खिताब जीत चुकी हूं, जिसे जीता जा सकता है। इसलिए अब मेरे लिए नए लक्ष्य तय करने का समय है। मैं विश्व रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश करना चाहती हूं। पिछले कुछ वर्षों में हमने महिलाओं को 48 सेकंड से कम समय में दौड़ पूरी करते देखा है। मुझे विश्वास है कि मैं भी ऐसा करने में पूरी तरह सक्षम हूं। अगर हम एक-दूसरे के खिलाफ लगातार दौड़ते रहें, तो मेरा मानना है कि हम एक-दूसरे को इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।”

भारत की अपनी पहली यात्रा पर आईं मिलर-उइबो ने वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के महत्व और रविवार को धावकों का उत्साह बढ़ाने को लेकर अपनी उत्सुकता भी जाहिर की। उन्होंने कहा, “मैं इस आयोजन को लेकर वास्तव में बहुत उत्साहित हूं। यह सिर्फ दौड़ने तक सीमित नहीं है। यह एक बड़ा सामुदायिक आयोजन है, जहां लोग अलग-अलग उद्देश्यों और सामाजिक कार्यों के समर्थन में अपनी भागीदारी दर्ज करा सकते हैं। यह आयोजन लोगों को घरों से बाहर निकलने और भारत में एक-दूसरे के साथ जुड़ने का अवसर देता है।”
उन्होंने कहा, “मुझे यह जानकर भी खुशी हुई कि इस साल प्रतिभागियों की संख्या बढ़ रही है और खास तौर पर अधिक महिलाएं इसमें हिस्सा ले रही हैं। मुझे उम्मीद है कि इस साल की दौड़ अगले वर्ष और अधिक महिलाओं को इसमें शामिल होने तथा अपने सपनों और लक्ष्यों की दिशा में पहला कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।”
मिलर-उइबो ने 2023 में बेटे और 2025 में बेटी को जन्म दिया। इसके बाद उन्होंने इस सत्र में अपनी गति और फिटनेस को दोबारा हासिल करने पर ध्यान दिया। बहामास की राजधानी नासाउ में वह अपने पिता के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने कहा, “दो बार गर्भावस्था के बाद खेल में वापसी करते समय मुझे खुद को काफी समय और धैर्य देना पड़ा। मैं चाहती थी कि जहां से मैंने छोड़ा था, वहीं से तुरंत शुरुआत कर दूं, लेकिन मुझे अपनी क्षमता और गति को दोबारा विकसित करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। इस सत्र ने मुझे दिखाया है कि मेरी गति वापस आ गई है। अब मैं 400 मीटर में वापसी करने के लिए वास्तव में उत्साहित हूं।”

उन्होंने कहा, “मेरे बच्चों की मौजूदगी ने खेल में मेरे उद्देश्य को एक नया अर्थ दिया है। अब मुझे उन्हें यह दिखाने का मौका मिलता है कि उनकी मां क्या करती है। मुझे उम्मीद है कि मैं उन्हें भी प्रेरित कर सकूंगी।”
- लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए 200 और 400 मीटर में से चुनेंगी एक स्पर्धा
लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 की तैयारियों के बारे में बात करते हुए मिलर-उइबो ने कहा कि वह अगले ओलंपिक में केवल एक स्पर्धा में हिस्सा लेंगी, हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि वह 200 मीटर होगी या 400 मीटर। उन्होंने कहा, “लॉस एंजिलिस ओलंपिक में मैं केवल एक स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली हूं, लेकिन अभी यह तय नहीं है कि वह कौन-सी होगी। मैं हमेशा से 200 मीटर में ओलंपिक पदक जीतना चाहती रही हूं। दूसरी ओर, 400 मीटर में लगातार तीन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का कारनामा भी अब तक किसी महिला ने नहीं किया है। इसलिए हम दोनों विकल्पों पर विचार करेंगे और फिर फैसला लेंगे।”
- 41 हजार से अधिक धावकों की भागीदारी को सराहा
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में 41,000 से अधिक प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। मिलर-उइबो ने लंबी दूरी के धावकों के साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और मानसिक मजबूती की सराहना की। उन्होंने कहा, “हाफ मैराथन में हिस्सा लेने के लिए बहुत साहस और मजबूत मानसिकता की जरूरत होती है। इसमें दौड़ने वाला हर व्यक्ति सिर्फ अपनी गति को चुनौती नहीं देता, बल्कि अपनी क्षमताओं की सीमाओं से आगे बढ़ने की कोशिश करता है। इस चुनौती को स्वीकार करने वाले सभी धावक प्रशंसा के पात्र हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि एथलेटिक्स से संन्यास लेने के बाद मैराथन दौड़ना उनके दीर्घकालीन लक्ष्यों में शामिल है।

- भारतीय खिलाड़ियों को दिया मेहनत और धैर्य का संदेश
भारतीय खिलाड़ियों को संदेश देते हुए मिलर-उइबो ने कहा कि खेल में सफलता हासिल करने के लिए समय देना और धैर्य बनाए रखना बेहद जरूरी है। चोट और असफलताएं खेल का हिस्सा हैं, लेकिन कई बार यही मुश्किलें शानदार वापसी की राह भी तैयार करती हैं। उन्होंने कहा, “बस यह समझिए कि सफलता हासिल करने में समय लगता है। चोट और मुश्किलें खेल का हिस्सा हैं, लेकिन कभी-कभी यही मुश्किलें आपको शानदार वापसी करने की स्थिति में पहुंचा देती हैं। कड़ी मेहनत करते रहिए, खेल का आनंद लीजिए और खुद पर तथा अपने प्रशिक्षण पर भरोसा रखिए। आपने जो अभ्यास किया है, उस पर विश्वास करें और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ें।”
उल्लेखनीय है कि मिलर-उइबो ने रियो ओलंपिक 2016 और टोक्यो ओलंपिक 2020 में महिलाओं की 400 मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक जीता था। वह फ्रांस की मैरी-जोस पेरेक के बाद लगातार दो ओलंपिक में 400 मीटर का स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी महिला हैं। उन्होंने 2022 में यूजीन में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी विश्व चैंपियन का खिताब अपने नाम किया था। प्रोकैम इंटरनेशनल द्वारा आयोजित वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन का 21वां संस्करण रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से शुरू होगा।

वरिष्ठ पत्रकार
