October 18, 2026

sajwansports

sajwansports पर पड़े latest sports news, India vs England test series news, local sports and special featured clean bold article.

चार्ल्स माटाटा नए कोर्स रिकॉर्ड के साथ बने वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 चैंपियन

Race Day

  • इथोपिया की 19 वर्षीया वुडिनेश अलेमु ने उलटफेर कर जीता महिला इलीट खिताब
  • 21वें वीडीएचम की भारतीय महिला इलीट कैटेगरी में उत्तराखंडियों (अंकिता ध्यानी, सोनिया और भागीरथी बिष्ट) ने क्लीन स्वीप किया
  • भारतीय पुरुष इलीट कैटेगरी में शैलेश कुशवाहा विजेता बने, गौरव माथुर को पछाड़ा

संवाददाता

नई दिल्ली, 18 अक्तूबर 2026: केन्या के चार्ल्स माटाटा ने नए इवेंट रिकॉर्ड के साथ वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन (वीडीएचएम) के 21वें संस्करण में पुरुष इलीट कैटेगरी का खिताब जीता। वहीं, रविवार को भारत की राजधानी में हुई वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस की महिला इलीट स्पर्धा में इथियोपिया की 19 वर्षीया वुडिनेश अलेमु ने कई दिग्गज दावेदारों को पछाड़ते हुए खिताब अपने नाम किया।

   वीडीएचएम 2026 में कुल 2,75,732 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि रखी गई थी। पुरुष और महिला वर्ग के विजेताओं को 27,000-27,000 डॉलर मिले। चार्ल्स ने कुल 42,000 डॉलर की कमाई की, जिसमें विजेता की पुरस्कार राशि के अलावा इवेंट रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 12,000 डॉलर और 60 मिनट से कम समय में दौड़ पूरी करने के लिए 3,000 डॉलर का बोनस शामिल था। भारतीय एलीट वर्ग में पुरुषों और महिलाओं के शीर्ष तीन खिलाड़ियों को क्रमशः 3,50,000 रुपये, 2,50,000 रुपये और 1,50,000 रुपये दिए गए।

   अपने करियर में लगभग एक दर्जन हाफ मैराथन दौड़ चुके चार्ल्स ने इस साल मई में पहली बार 60 मिनट से कम समय में दौड़ पूरी की थी। उन्होंने रीगा मैराथन में 59 मिनट 15 सेकंड के समय के साथ जीत दर्ज की थी। दिल्ली की सड़कों से भी 29 वर्षीय केन्याई धावक परिचित था, क्योंकि वह 2023 में यहां दूसरे स्थान पर रहा था। उनके जुड़वां भाई एलेक्स माटाटा ने पिछले साल 59 मिनट 50 सेकंड के समय के साथ खिताब जीता था।

   रविवार सुबह ठंडे मौसम में दौड़ की शुरुआत ने धावकों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाईं। पेसर इमैनुएल येगोन ने पुरुष धावकों को शुरुआती 25 प्रतिशत दूरी 13 मिनट 56 सेकंड में पूरी कराई, जो रिकॉर्ड गति थी। इसके बाद अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए चार्ल्स बाकी धावकों से आगे निकल गए। उनके प्रतिद्वंद्वियों में इथियोपिया के दो बार के चैंपियन बिरहानु लेगेसे भी शामिल थे। चार्ल्स ने 10 किलोमीटर की दूरी 27 मिनट 41 सेकंड और 15 किलोमीटर की दूरी 41 मिनट 39 सेकंड में पूरी की। इन समयों से नया रिकॉर्ड बनने के संकेत मिलने लगे थे। उन्होंने 20 किलोमीटर की दूरी 55 मिनट 53 सेकंड में पूरी कर इसकी पुष्टि कर दी।

   चार्ल्स ने एक घंटे से भी कम, 58 मिनट 52 सेकंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ दौड़ पूरी की। उन्होंने 2020 से कायम अमेदेवोर्क वालेलेग्न के 58 मिनट 53 सेकंड के पिछले इवेंट रिकॉर्ड को एक सेकंड से पीछे छोड़ दिया। दिल्ली में केन्याई धावकों का दबदबा रहा और पुरुषों के तीनों पदक उन्हीं के नाम रहे। सैमवेल न्यामाई मेलू ने 59 मिनट 24 सेकंड के समय के साथ दूसरा, जबकि स्टेनली म्बुरू ने 59 मिनट 33 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। तीसरी बार खिताब जीतने की कोशिश कर रहे बिरहानु लेगेसे की चुनौती सफल नहीं रही। वह म्बुरू से लगभग एक मिनट पीछे रहते हुए चौथे स्थान पर रहे।

   चार्ल्स ने कहा, “मैं पूरी तैयारी के साथ दिल्ली आया था और अपनी फिटनेस बनाए रखी थी, क्योंकि मुझे पता था कि यहां दौड़ना है। मुझे उम्मीद थी कि मैं 59 मिनट के आसपास दौड़ पूरी करूंगा, लेकिन शानदार मौसम और 2023 में इस कोर्स पर दौड़ने के अनुभव ने मुझे और बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की। मैं नया कोर्स रिकॉर्ड बनाने में सफल रहा। मेरा मानना है कि इंसान की क्षमताओं की कोई सीमा नहीं होती और मैं खुद को और बेहतर करने के लिए तैयार हूं।”

   सैमवेल ने दौड़ के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, “चोट से वापसी करना आसान नहीं था। फरवरी में मुझे चोट लगी थी, जिसके कारण कई दौड़ और एक मैराथन में हिस्सा लेने का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। मैं मजबूत वापसी करने और पोडियम पर जगह बनाने के लिए आभारी हूं।”

  • वुडिनेश ने दिग्गज दावेदारों को पछाड़कर जीता महिला खिताब

दिल्ली आने से पहले वुडिनेश अलेमु केनेनी ने बाकी धाविकाओं की तुलना में केवल एक हाफ मैराथन में हिस्सा लिया था। अभी किशोरावस्था में ही चल रहीं इस इथियोपियाई धाविका का मुख्य अनुभव ट्रैक स्पर्धाओं का रहा है। पिछले साल अपनी पहली रोड रेस ओयशो कार्डिफ हाफ मैराथन में उन्होंने एक घंटा आठ मिनट आठ सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया था।

केन्या की इरिन चेप्टाई ने शुरुआती बढ़त बनाई और अपनी हमवतन धाविकाओं के साथ पहले पांच किलोमीटर की दूरी 15 मिनट 55 सेकंड में पूरी की। अग्रणी समूह में दौड़ रहीं अलेमु ने अंतिम एक-चौथाई दूरी में अपनी रफ्तार बढ़ाई और खिताब जीतने के इरादे स्पष्ट कर दिए। केन्या की सिंथिया चेपक्वोनी और सेलाह बुसिएनेई के साथ चेप्टाई भी उनसे लगभग 50 मीटर पीछे थीं और आखिरी किलोमीटर तक उन्हें कड़ी चुनौती दे रही थीं।

हालांकि, अलेमु ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पूरे आत्मविश्वास के साथ अंतिम चरण में पहुंचीं इथियोपियाई धाविका ने एक घंटा छह मिनट 35 सेकंड में दौड़ पूरी कर खिताब जीत लिया। बुसिएनेई ने एक घंटा सात मिनट एक सेकंड के समय के साथ दूसरा और चेपक्वोनी ने एक घंटा सात मिनट 32 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। दौड़ से पहले खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही चेप्टाई ने अंतिम चरण में चेपक्वोनी को पीछे छोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह एक घंटा सात मिनट 33 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं।

दौड़ के बाद अलेमु ने कहा, “मैं अपने प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। मैंने शुरुआत से ही मजबूत दौड़ लगाई और अंत तक अपनी रफ्तार बनाए रखी। यह मेरी दूसरी अंतरराष्ट्रीय हाफ मैराथन है और मैंने अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय में लगभग दो मिनट का सुधार किया है। इससे मुझे बहुत खुशी हुई है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं पिछले दो साल से ही दौड़ रही हूं, इसलिए एक एथलीट के रूप में अभी सीख रही हूं और खुद को विकसित कर रही हूं। मुझे उम्मीद है कि मैं लगातार सुधार करूंगी, अधिक अनुभव हासिल करूंगी और लंबी दूरी की दौड़ में एक मजबूत करियर बनाऊंगी।”

सेलाह बुसिएनेई ने कहा, “दौड़ अच्छी रही और मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं। मुझे शीर्ष तीन में जगह मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन मेरा मानना है कि दौड़ में मानसिक मजबूती बेहद महत्वपूर्ण होती है। मैं खुद को पूरी ताकत से आगे बढ़ाने के लिए तैयार थी। मैंने कड़ी ट्रेनिंग की थी और नतीजे से खुश हूं।” सिंथिया ने दौड़ के अधिकांश हिस्से में दूसरे धावक समूह के साथ रहते हुए अपनी ऊर्जा बचाई। उन्होंने बाद में बताया, “इससे मुझे ऊर्जा बचाने और दौड़ के अंतिम हिस्से में मजबूती के साथ प्रदर्शन करने में मदद मिली।”

  • शैलेश कुशवाहा और अंकिता ध्यानी ने जीते भारतीय एलीट वर्ग के खिताब

20 वर्षीय शैलेश कुशवाहा ने पुरुषों की भारतीय एलीट स्पर्धा में बेहद करीबी मुकाबले के बाद एक घंटा पांच मिनट पांच सेकंड के समय के साथ जीत दर्ज की। उन्होंने आधी दूरी के बाद पांच धावकों के अग्रणी समूह से अलग होकर बढ़त बनाई और अंत तक इसे कायम रखा। गौरव माथुर एक घंटा पांच मिनट 11 सेकंड के समय के साथ उनसे छह सेकंड पीछे दूसरे स्थान पर रहे, जबकि हेमंत सिंह ने एक घंटा पांच मिनट 37 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

   कुशवाहा ने कहा, “65वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में अपने प्रदर्शन से मैं खुश नहीं था, इसलिए इस दौड़ में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए उत्सुक था। दौड़ की शुरुआत में ही बढ़त बनाकर अधिकांश समय आगे रहना आसान नहीं होता। इसके लिए आत्मविश्वास की जरूरत होती है, लेकिन आज मैं ऐसा कर सका। मुझे दबाव महसूस हो रहा था, क्योंकि गौरव अंत तक मेरे ठीक पीछे बने हुए थे।”

   अमेरिका में प्रशिक्षण लेने वाली विश्व विश्वविद्यालय खेलों की स्टीपलचेज स्पर्धा की रजत पदक विजेता अंकिता ध्यानी ने महिला भारतीय एलीट वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआती दौर में ही भारतीय धाविकाओं से बढ़त बना ली और अंतरराष्ट्रीय एलीट धाविकाओं के साथ दौड़ते हुए एक घंटा 12 मिनट 46 सेकंड में खिताब जीता। उन्होंने अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ समय में पांच मिनट से भी अधिक का सुधार किया।

   अपनी पहली हाफ मैराथन दौड़ रहीं सोनिया ने एक घंटा 14 मिनट 56 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि भागीरथी एक घंटा 15 मिनट 51 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। पूर्व चैंपियन लिली दास ने एक घंटा 16 मिनट 20 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज करते हुए चौथा स्थान हासिल किया। अंकिता ने कहा, “मैं अच्छी ट्रेनिंग कर रही हूं। सच कहूं तो जिस तरह मेरी तैयारी चल रही थी, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि मैं थोड़ा और बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी। अगर भारतीय महिला धाविकाएं हाफ मैराथन पर अधिक ध्यान दें, तो जल्द ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटता हुआ दिखाई देगा। मुझे बहुत खुशी है कि पोडियम पर हम तीनों उत्तराखंड से हैं। राज्य हमें काफी सहयोग देता है और हम इस उपलब्धि से खुश हैं।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *