‘पूर्व खिलाड़ियों को कोच बनाकर खेलों में वापस लाना चाहिए’: अनुराग ठाकुर
- एसजेएफआई नेशनल कन्वेंशन के दूसरे दिन हीरो मोटोकॉर्प की शिवालिका चड्ढा मलिक, क्राफ़्टन इंडिया की मानवा सुदर्शन हुंसवाडकर और आर्टस्मिथ की संस्थापक एवं सीईओ उदिता दत्ता को सम्मानित भी किया गया
संवाददाता
नई दिल्ली, 14 मार्च 2026: पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने शनिवार को कहा कि भारत को खेल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूर्व खिलाड़ियों को फिर से खेलों से जोड़कर उन्हें कोच और मेंटर की भूमिका में लाना चाहिए। स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजेएफआई) के गोल्डन जुबली संस्करण के दूसरे दिन कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित कार्यक्रम में खेल पत्रकारों को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि खेल कोटे से नौकरी पाने वाले कई खिलाड़ी आज के दिन दफ्तरों के बंद कमरों में काम कर रहे हैं, जबकि उनमें से कई खेलों में लौटकर कोच या मार्गदर्शक के रूप में अधिक बड़ा योगदान दे सकते हैं। यह सम्मेलन दिल्ली स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (डीएसजेए) की मेजबानी में आयोजित किया जा रहा है।

प्रतिभा को बेहतर तरीके से निखारने के लिए मजबूत व्यवस्था की जरूरत पर जोर देते हुए ठाकुर ने संगठित खिलाड़ी विकास प्रणाली और डेटा-आधारित निगरानी की अहमियत भी बताई। उन्होंने कहा, “हमें खिलाड़ियों की पूरी यात्रा को ट्रैक करने के लिए डेटा का विश्लेषण करना चाहिए, ताकि प्रतिभा की शुरुआती पहचान हो सके और उन्हें सही समर्थन के साथ तैयार किया जा सके।” उन्होंने यह भी कहा कि स्पोर्ट्स साइंस और रिहैबिलिटेशन सेंटर का अधिक प्रभावी तरीके से उपयोग किया जाना चाहिए।

ठाकुर ने राज्य सरकारों से भी खेलों को मजबूत करने में अधिक भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा, “खेल काफी हद तक राज्य का विषय है और यदि हमें भविष्य में बेहतर परिणाम चाहिए तो राज्यों को अपने बजट बढ़ाने, बुनियादी ढांचा विकसित करने और अधिक कोच नियुक्त करने होंगे।”
उन्होंने खेल प्रशासन में संस्थागत जवाबदेही की जरूरत पर भी बल दिया। ठाकुर ने कहा, “संस्थाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। हमें यह मूल्यांकन करना चाहिए कि सिफारिशों के बाद क्या हासिल हुआ और क्या हमारी व्यवस्थाएं वास्तव में परिणाम दे रही हैं या नहीं।” उन्होंने खेल नीतियों और कार्यक्रमों की निरंतर समीक्षा और सुधार की आवश्यकता भी बताई।

इससे पहले डीएसजेए अध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “एसजेएफआई के गोल्डन जुबिली वर्ष में यह हमारे लिए गर्व का क्षण है। देशभर से आए खेल पत्रकारों का दिल्ली में स्वागत करते हुए हमें खुशी हो रही है और अनुराग ठाकुर जी का विशेष आभार, जिन्होंने पत्रकार बिरादरी के साथ संवाद किया।”
एसजेएफआई नेशनल कन्वेंशन के दूसरे दिन खेल और कॉर्पोरेट जगत से जुड़े कई गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। सम्मानित होने वालों में हीरो मोटोकॉर्प की शिवालिका चड्ढा मलिक, क्राफ़्टन इंडिया की मानवा सुदर्शन हुंसवाडकर और आर्टस्मिथ की संस्थापक एवं सीईओ उदिता दत्ता शामिल थीं।

एसजेएफआई नेशनल कन्वेंशन के तहत आयोजित क्रिकेट, बास्केटबॉल की थ्रो बॉल, फुटबॉल की किकिंग और टेबल टेनिस जैसी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। जेके बोस इंटर-जोनल टी-20 क्रिकेट ट्रॉफी में रोशनारा क्रिकेट क्लब और दिल्ली पुलिस ग्राउंड पर खेले गए मैचों में नॉर्थ जोन और साउथ जोन ने बड़े अंतर से जीत हासिल की। वहीं, रोशनआरा एसी बाली टेबल टेनिस टूर्नामेंट में दिल्ली स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (डीएसजेए-1) ने स्पोर्ट्स राइटर्स एसोसिएशन ऑफ बेंगलुरु (एसडब्लूएबी-1) को हराया, जबकि स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ मुम्बई (एसजेएएम-1) ने तमिलनाडु स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (टीएनएसजेए-1) को पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल मुकाबला सोमवार को इसी स्थल पर खेला जाएगा, जिसमें डीएसजेए-1 के कुशन सरकार, भारत शर्मा और नॉरिस प्रीतम का सामना एसजेएएम-1 के अमोल करहाड़कर, अश्विन फेरो और अकुश धावरे से होगा।

वरिष्ठ पत्रकार
