October 13, 2026

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परोपकारिता में नए मुकाम छूती वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026

  • इस साल एनजीओ, धावकों और कॉरपोरेट जगत के संयुक्त प्रयासों से ₹8.87 करोड़ से अधिक की रिकॉर्ड धनराशि जुटाई गई है
  • वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में परोपकारिता की शुरुआत 2005 से हुई है और अब तक कुल ₹97.5 करोड़ से अधिक की धनराशि जुटाई जा चुकी है

संवाददाता

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026: दो दशकों से भी अधिक समय से वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन दिल्ली के लोगों की उदारता के साथ सामुदायिक भावना के तहत परोपकार करने में जुटी हुई है। इस वर्ष आयोजन ने परोपकार (फिलैंथ्रॉपी) के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अब तक 72 एनजीओ, 14 कॉरपोरेट संस्थानों और 169 से अधिक व्यक्तिगत फंडरेज़र ने मिलकर ₹8.87 करोड़ की धनराशि जुटा ली है। यह उपलब्धि सार्थक सामाजिक बदलाव लाने में सामूहिक प्रयासों की शक्ति को एक बार फिर साबित करती है।

   लगातार दूसरे वर्ष, एनजीओ लक्ष्य (Lakshyaa) ने वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के परोपकार भागीदार (फिलैंथ्रॉपी पार्टनर) के रूप में साझेदारी की। इस दौरान संगठन ने मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करके समुदाय को इस पहल से जुड़ने और योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। 2005 में शुरुआत के बाद से वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन परोपकार के लिए देश के प्रमुख खेल मंचों में से एक बनकर उभरी है। यह आयोजन दिल्ली के लोगों की उदारता को देशभर के समुदायों और विभिन्न सामाजिक उद्देश्यों की सहायता के लिए प्रेरित करता है। अब तक इस आयोजन के माध्यम से कुल ₹97.5 करोड़ से अधिक की धनराशि जुटाई जा चुकी है।

   इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए लक्ष्य (Lakshyaa) के संस्थापक एवं पार्टनर निखिल पंत ने कहा, “वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि खेल, फिटनेस और सामुदायिक सहभागिता किस तरह एक साथ आकर सार्थक और दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव पैदा कर सकते हैं। लक्ष्य को लगातार दूसरे वर्ष इस आयोजन का परोपकार भागीदार होने पर गर्व है। हम परोपकार के इस स्तंभ को और व्यापक तथा प्रभावशाली बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसके तहत हम गैर-लाभकारी संगठनों, व्यक्तिगत फंडरेज़र, कॉरपोरेट संस्थानों और धावक समुदाय को एक साथ लाकर सार्थक बदलाव लाने की दिशा में काम कर रहे हैं। मुझे अपनी टीम पर और उसके समर्पण, दृढ़ता तथा हर कदम पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रतिबद्धता पर गर्व है। वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 को सफल और प्रभावशाली बनाने के लिए मैं सभी को शुभकामनाएँ देता हूँ! आइए, हम मिलकर बदलाव की प्रेरणा देते रहें।”

   कुपोषण से मुकाबला करने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, आयोजन के टाइटल स्पांसर वेदांता ने अपनी सामाजिक प्रभाव पहल ‘नंद घर’ के माध्यम से वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 के हर कदम को एक सार्थक उद्देश्य से जोड़ा है। #RunForZeroHunger पहल के तहत, प्रतिभागियों द्वारा तय किया गया प्रत्येक किलोमीटर वेदांता की 50 लाख पोषण पैक उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता में योगदान देगा। इन पोषण पैक का उद्देश्य बच्चों और पशुओं की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहायता करना है। पिछले चार वर्षों में आयोजित मैराथन के संस्करणों में सामूहिक प्रयासों के माध्यम से 2.2 करोड़ भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिली है।

   वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन अपने 21वें संस्करण में प्रवेश कर रही है। यह आयोजन लगातार इस विचार को साकार कर रहा है कि दौड़ केवल फिनिश लाइन तक पहुँचने के बारे में नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। इस वर्ष परोपकार से जुड़े प्रयासों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इसकी कुछ प्रमुख उपलब्धियाँ इस प्रकार हैं:-

  • 2026 में ₹8.87 करोड़ से अधिक की धनराशि जुटाई गई, जो 2025 में जुटाई गई ₹4.12 करोड़ की राशि के दोगुने से भी अधिक है।
  • 169 फंडरेज़र विभिन्न सामाजिक उद्देश्यों के समर्थन में एकजुट हुए, जबकि 2025 में ऐसे फंडरेज़र की संख्या 50 थी।
  • अब तक कुल ₹97.5 करोड़ से अधिक की धनराशि जुटाई जा चुकी है, जिससे 500 से अधिक एनजीओ को सहायता मिली है। इन प्रयासों से स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, आजीविका, लैंगिक समानता, दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण और अन्य महत्वपूर्ण सामाजिक क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

दीपक शर्मा बने सबसे बड़े व्यक्तिगत फंडरेज़र

   चेंज आइकन दीपक शर्मा इस वर्ष सबसे अधिक धनराशि जुटाने वाले व्यक्तिगत फंडरेज़र बनकर उभरे। उन्होंने कमजोर और वंचित परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों, युवाओं तथा महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम करने वाले गैर-लाभकारी संगठन उदयन केयर (Udayan Care) के समर्थन में उल्लेखनीय ₹31 लाख जुटाए। उनकी इस उपलब्धि ने आयोजन में व्यक्तिगत स्तर पर धन जुटाने का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और सामूहिक सहयोग की शक्ति किस तरह सार्थक सामाजिक बदलाव ला सकती है।

15 वर्षीय रेहान गयान ने पेश की मिसाल

   कक्षा 10 के छात्र और इस आयोजन के सबसे कम उम्र के फंडरेज़र 15 वर्षीय रेहान गयान ने साबित किया कि समाज में बदलाव लाने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है। उन्होंने कौशल विकास और आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में काम करने वाले पंजीकृत गैर-लाभकारी संगठन एटाशा सोसाइटी (ETASHA Society) के समर्थन में ₹50,000 की प्रभावशाली धनराशि जुटाई।

आईआरएफसी की सामाजिक बदलाव के प्रति प्रतिबद्धता

   इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC), जो वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के माध्यम से सामाजिक उद्देश्यों का समर्थन करने वाला एकमात्र सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (PSU) है, अपनी रणनीतिक कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहलों के जरिए राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता है।

धन जुटाने की प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक खुली रहेगी

   31 अक्टूबर 2026 तक धन जुटाने की प्रक्रिया खुली रहेगी। इस पहल के माध्यम से व्यक्तियों, युवा फंडरेज़र, रनिंग क्लबों, संस्थानों और कॉरपोरेट संगठनों को उन सामाजिक उद्देश्यों के लिए धन जुटाने और जागरूकता बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है, जो उनके लिए सबसे अधिक मायने रखते हैं। दान करने और इस पहल से जुड़ने के लिए यहाँ जाएँ: https://vdhm.lakshyaa.co.in/

   प्रोकैम इंटरनेशनल के संयुक्त प्रबंध निदेशक विवेक बी. सिंह ने कहा, “इस वर्ष हमने जो उपलब्धि हासिल की है, वह अविश्वसनीय है! पिछले वर्ष की तुलना में हमारी धनराशि दोगुने से भी अधिक हो गई है और योगदान अभी भी मिल रहे हैं। अब तक जुटाए गए ₹8.87 करोड़ लक्ष्य फाउंडेशन, हमारे धावकों, एनजीओ और कॉरपोरेट साझेदारों के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण हैं। हमारा हमेशा से यह दृष्टिकोण रहा है कि ऐसा मंच तैयार किया जाए, जो लोगों को समाज को कुछ लौटाने और अपने दिल के करीब के उद्देश्यों का समर्थन करने के लिए सशक्त बनाए। आज यह देखकर खुशी होती है कि परोपकार दिल्ली के सामाजिक ताने-बाने का एक अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है। यह योगदान और उदारता की बढ़ती संस्कृति को दर्शाता है, जिसका प्रभाव रेस-डे से कहीं आगे तक पहुँचता है।”

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