माउंट एवरेस्ट विजेता तय करेगी वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 की रफ्तार
- इस साल माउंट एवरेस्ट फतह कर चुकी डॉ. चिन्मयी जे. त्रिशूलमूर्ति उन 25 पेससेटर्स में से एक बड़ा नाम होंगी, जो दिल्ली हाफ मैराथन में धावकों की रफ्तार को गति देंगे
- नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. चिन्मयी इस साल राजधानी दिल्ली में होने वाली इस प्रतिष्ठित दौड़ में 10 किलोमीटर कैटेगरी की रफ्तार को सेट करेंगी
संवाददाता
नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2026: इस साल माउंट एवरेस्ट फतह कर चुकी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. चिन्मयी जे. त्रिशूलमूर्ति उन 25 पेससेटर्स में से एक बड़ा नाम होंगी, जो वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 में धावकों की रफ्तार को गति देंगे। बेंगलुरू की प्रैक्टिसिंग ऑप्थल्मोलॉजिस्ट और फैकल्टी सदस्य डॉ. चिन्मयी इस साल राजधानी दिल्ली में होने वाली इस प्रतिष्ठित दौड़ में 10 किलोमीटर कैटेगरी की रफ्तार को सेट करेंगी। उन्होंने 2026 में माउंट एवरेस्ट फतह किया है और वह प्रशिक्षित सर्च, ट्रीट एंड रेस्क्यू माउंटेनियर भी हैं। 2017 से दौड़ रही डॉ. चिन्मयी ने 2019 में पर्वतारोहण की ओर रुख किया।
दिल्ली में पहली बार दौड़ने जा रहीं डॉ. चिन्मयी इस बारे कहती हैं, “मैं कम दौड़ती हूं, लेकिन मुझे दौड़ना बहुत पसंद है और मैं पेससेटर बनने को लेकर बेहद उत्साहित हूं।” एवरेस्ट अभियान के अनुभव को को लेकर वह कहती हैं, “इसके लिए बहुत अधिक सहनशक्ति की जरूरत होती है, मुख्य रूप से इसलिए क्योंकि पूरा अभियान लगभग 50 से 55 दिनों तक चलता है और इस बेहद लंबे अभियान के आखिरी सप्ताह में ही शिखर पर पहुंचने का मौका मिलता है।”

पहली बार रेस में हिस्सा लेने वाले धावकों को सलाह देते हुए डॉ. चिन्मयी ने कहा, “गति को लेकर चिंता न करें; जितनी गति से आप दौड़ सकते हैं, उसी गति से रेस का आनंद लें।” जैसा कि आप जानते हैं कि डॉ. चिन्मयी के अलावा इस बार 25 पेससेटर धावकों में सीएक्सओ, सरकारी अधिकारी, उद्यमी और देशभर से आए जुनूनी धावक शामिल हैं, जो प्रतिभागियों को रेस के दिन उनके निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करेंगे। पेससेटर एक अनुभवी धावक होता है, जो एक निश्चित गति बनाए रखते हुए धावकों के एक समूह, जिसे ‘बस’ कहा जाता है, को तय समय में रेस पूरी करने के लिए मार्गदर्शन करता है। उदाहरण के लिए, सब-2:30 बस के साथ दौड़ने वाला धावक 2 घंटे 25 मिनट से 2 घंटे 29 मिनट के बीच रेस पूरी करने की उम्मीद कर सकता है।

इस वर्ष 17 हाफ मैराथन पेससेटर, जिनमें प्रमुख संस्थानों के सीएक्सओ और वरिष्ठ पेशेवर शामिल हैं, 1:50 से 2:40 तक के बस टाइम का नेतृत्व करेंगे। वहीं 10K रेस में आठ महिला पेससेटरों की पूरी टीम होगी, जो 55 से 88 मिनट तक के बस टाइम का नेतृत्व करेगी। इन 25 पेससेटरों में से 11 दिल्ली-एनसीआर के बाहर से हैं। इनमें बेंगलुरू, कोलकाता, मुंबई, दार्जिलिंग, जम्मू और झारखंड के धावक शामिल हैं। इस टीम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं, जिनमें आयकर विभाग की संयुक्त आयुक्त, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की संयुक्त सचिव और रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (वित्त) रजत अग्रवाल शामिल हैं।

अनुभवी दीपक शर्मा अपना 16वां VDHM दौड़ेंगे, जबकि गणेश अनंतनारायणन इस प्रतिष्ठित आयोजन के 13 संस्करणों का हिस्सा रह चुके हैं और उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 1:48 है। वहीं संजय छाबड़ा लगातार 12वीं बार दिल्ली हाफ मैराथन में हिस्सा लेंगे। होसुर रनर्स क्लब के डिलीवरी हेड और संस्थापक थांडेसेवरन पेरियासामी सितंबर 2018 से लगातार 2,850 से अधिक दिनों तक दौड़ चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 22,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है। उन्होंने 2025 में VDHM की 2:30 बस का नेतृत्व किया था।

एसबीआई क्रेडिट कार्ड की चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और अल्ट्रा-मैराथन धाविका रश्मि मोहंती ने नवंबर 2010 में VDHM में अपनी पहली हाफ मैराथन दौड़ी थी। 2025 में उन्हें 15 संस्करण पूरे करने के लिए सम्मानित किया गया था। वह कहती हैं, “यह सुनिश्चित करने का एक तरीका है कि मैं लगातार दौड़ती रहूं, इस रेस में हिस्सा लेना है।” पेससेटर बनने को वह समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारी मानती हैं। वह कहती हैं, “जिस समुदाय ने पूरे सफर में आपका साथ दिया है, आपको उसे भी कुछ वापस देना चाहिए।” वहीं रश्मि मोहंती धावकों को रेस के दिन पूरी तरह तरोताजा रहने की सलाह देती हैं। वह कहती हैं, “मैं चाहूंगी कि आप थोड़ा कम प्रशिक्षण लेकर आएं, लेकिन जब आप स्टार्ट लाइन पर हों तो पूरी तरह मजबूत और तैयार रहें।”

वरिष्ठ पत्रकार
