बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह के कामकाज से त्रस्त राज्य बॉक्सिंग संघों ने खेल मंत्री और आईओए अध्यक्ष पीटी उषा से लगाई गुहार
- दिल्ली एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रोहित जैनेन्द्र जैन, बीएफआई महासचिव प्रामोद कुमार और अंतरिम उपाध्यक्ष राजेश भंडारी ने उठाई बदलाव की मांग
- बैठक में शामिल पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करेंगे और 13 नवंबर 2026 को अदालत के फैसले के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे
- भारतीय बॉक्सिंग से जुड़े मुद्दों को उचित स्तर पर उठाने के लिए बीएफआई के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय खेल मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा
संवाददाता
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2026: बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह के कामकाज को लेकर विभिन्न राज्य बॉक्सिंग संघों के पदाधिकारियों ने बुधवार को राजधानी दिल्ली स्थित द सूर्या होटल, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में आयोजित बैठक के दौरान गहरी नाराजगी व्यक्त की। बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने फेडरेशन के कामकाज में कथित मनमानी, एकतरफा निर्णयों और राज्य संघों की सीमित भागीदारी को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने भारतीय बॉक्सिंग के बेहतर भविष्य के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, गोवा, असम, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा और झारखंड सहित 27 राज्य इकाइयों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

इसके अलावा, 13 कार्यकारी समिति के सदस्यों में से आठ सदस्य भी बैठक में शामिल थे। इनमें महासचिव प्रमोद कुमार, उपाध्यक्ष राजेश भंडारी और लियोनार्डो डी’गामा, कोषाध्यक्ष पोन भास्करन, तथा दिल्ली एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रोहित जिनेंद्र जैन एवं मध्यप्रदेश स्टेट एसोसिएशन के दिग्विजय सिंह आदि प्रमुख थे। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीएफआई के पदाधिकारियों और विभिन्न राज्य बॉक्सिंग संघों के प्रतिनिधियों ने अपनी चिंताएं मीडिया के सामने रखीं और भारतीय बॉक्सिंग के प्रशासन में सुधार के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प व्यक्त किया। रोहित जिनेंद्र जैन ने कहा कि बीएफआई को अजय सिंह के नियंत्रण से मुक्त कराने की लड़ाई लड़ रहे हैं। दिल्ली एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन (डीएबीए) के उपाध्यक्ष रोहित जैनेन्द्र जैन ने बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह के कामकाज की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अजय सिंह का एक ही काम रह गया है कि जो उनके कहे अनुसार नहीं चलता, उस पर आरोप लगाकर उसे पद से बर्खास्त कर दिया जाता है।

मीडिया द्वारा चुनाव लड़ने की उनकी संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में रोहित जैन ने कहा कि वह पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं और आगे भी चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा, “मैं पहले भी चुनाव लड़ा था और अब भी लड़ूंगा, लेकिन उससे पहले बीएफआई को अजय सिंह के चंगुल से मुक्त कराने की लड़ाई हम लड़ रहे हैं। हमारा उद्देश्य फेडरेशन के कामकाज में सुधार लाना और भारतीय बॉक्सिंग के हितों की रक्षा करना है।”
फेडरेशन के अंतरिम उपाध्यक्ष राजेश भंडारी ने कहा कि अदालत और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए 28 अक्टूबर को विशेष आम बैठक (एसजीएम) आयोजित नहीं की गई और न ही अविश्वास प्रस्ताव हम लेकर आए। उन्होंने कहा, “अदालत का सम्मान करते हुए हम आज विशेष आम बैठक नहीं कर रहे हैं और न ही अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं। लेकिन हम सभी अजय सिंह के कामकाज के खिलाफ एकजुट हैं और बीएफआई को बेहतर बनाने के लिए संकल्पित हैं। इसी उद्देश्य से प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय खेल मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। हम 13 नवंबर को अदालत के फैसले के बाद हम आगे की कार्रवाई तय करेंगे।”

बीएफआई के महासचिव प्रामोद कुमार ने अध्यक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में फेडरेशन के कामकाज पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि संगठन को एक व्यक्ति तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “अजय सिंह ने बीएफआई को वन-मैन संगठन में तब्दील कर दिया है। आज आप सभी देख सकते हैं कि इक्का-दुक्का राज्य संघों को छोड़कर लगभग सभी राज्य संघों के प्रतिनिधि यहां बैठक में आकर भारतीय बॉक्सिंग फेडरेशन को बेहतर बनाने के लिए हमारे साथ खड़े हैं।” उन्होंने कहा कि भारतीय बॉक्सिंग के विकास के लिए राज्य संघों की प्रभावी भागीदारी और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता आवश्यक है।
मध्य प्रदेश बॉक्सिंग स्टेट एसोसिएशन के प्रतिनिधि दिग्विजय सिंह ने भी फेडरेशन के कामकाज पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “अजय सिंह ने बीएफआई को स्पाइसजेट के कार्यालय में बदल दिया है, जहां हमारे लोगों को उनसे मिलने के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ता है।” दिग्विजय सिंह की टिप्पणी के माध्यम से राज्य संघों के प्रतिनिधियों ने फेडरेशन के नेतृत्व तक पहुंचने और अपनी समस्याओं पर समयबद्ध सुनवाई न होने को लेकर नाराजगी जाहिर की।

भारतीय बॉक्सिंग से जुड़े मुद्दों को उचित स्तर पर उठाने के लिए बीएफआई के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय खेल मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने फेडरेशन के कामकाज से संबंधित अपनी चिंताओं को सामने रखा और भारतीय बॉक्सिंग के प्रशासन में आवश्यक सुधारों पर ध्यान देने की मांग की। प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका उद्देश्य बीएफआई को मजबूत बनाना, प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा राज्य संघों और खेल से जुड़े अन्य हितधारकों की निर्णय प्रक्रिया में सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करना है।
बैठक में शामिल पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करेंगे और 13 नवंबर 2026 को अदालत के फैसले के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे। प्रतिनिधियों ने भारतीय बॉक्सिंग के बेहतर भविष्य के लिए एकजुट होकर काम करने तथा फेडरेशन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समावेशी संगठन बनाने के अपने संकल्प को दोहराया।

वरिष्ठ पत्रकार
