फीफा कप : बेगानी शादी में हम भी नाचे!
- दिल्ली सरकार ने फुटबॉल प्रेमियों, खिलाड़ियों और फुटबॉल के कारोबारियों के लिए ऐतिहासिक फैसला लेते हुए फीफा वर्ल्ड कप फाइनल दिखाने के लिए राजधानी के सभी होटलों और रेस्टोरेंट को प्रातः चार बजे तक खुले रखने का फैसला किया
- कुछ खेल संस्थाओं और प्रेस क्लब जैसे संस्थानों ने भी फीफा वर्ल्ड कप फाइनल को लाइव दिखाने के लिए इंतजाम किए
- ऐसा सिर्फ राजधानी दिल्ली में ही नहीं हो रहा लगभग पूरे देश में अर्जेटीना और स्पेन के निर्णायक मुकाबले को लेकर इसी प्रकार की व्यवस्था की गई
- लेकिन बेगानी शादी में नाचने वाले और धूम धड़ाके के बीच देश की सरकार, राज्य सरकारों और भारतीय फुटबॉल के ठेकेदारों ने यह जानने का प्रयास किया कि हम दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल में कहाँ हैं? और नहीं हैं तो ऐसा क्यों है और क्या उपाय किए जाने चाहिए?
राजेंद्र सजवान
दिल्ली सरकार ने देश के फुटबॉल प्रेमियों, खिलाड़ियों और फुटबॉल के कारोबारियों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए फीफा वर्ल्ड कप का लुत्फ उठाने वालों के हित में राजधानी के सभी होटलों और रेस्टोरेंट को प्रातः चार बजे तक खुले रखने का फैसला किया। कुछ खेल संस्थाओं और प्रेस क्लब जैसे संस्थानों ने भी फीफा वर्ल्ड कप फाइनल को लाइव दिखाने के लिए इंतजाम किए हैं। ऐसा सिर्फ देश की राजधानी में ही नहीं हो रहा लगभग पूरे देश में अर्जेटीना और स्पेन के निर्णायक मुकाबले को लेकर खासी उत्सुकता है और इसी प्रकार की व्यवस्था की गई।

बेशक़, दिल्ली और देश के अन्य महानगरों की सरकारों का फुटबॉल प्रेम काबिले तारीफ़ है। लेकिन अच्छा यह होता कि बेगानी शादी में नाचने वाले और धूम धड़ाके में अपनी उपस्थिति दर्ज करने वाली देश की सरकार, राज्य सरकारों और भारतीय फुटबॉल के ठेकेदारों ने इस ऐतिहासिक अवसर पर अपनी फुटबॉल का हाल चाल भी पूछा होता! यह जानने का प्रयास किया होता कि हम दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल में कहाँ हैँ? और नहीं हैं तो ऐसा क्यों है और क्या उपाय किए जाने चाहिए?

उम्मीद है फीफा कप और फुटबॉल को होली दीपावली, ईद और अन्य राष्ट्रीय एवम अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त त्योहारों जैसा सम्मान देने वाली सरकारें फीफा कप की हैसियत और लोकप्रियता से सबक लेकर भारतीय फुटबॉल की बेहतरी के लिए प्रयास करेंगी। बेशक, देश की सरकारों ने फुटबॉल की गरिमा और लोकप्रियता को जान पहचान लिया होगाl
पता चल गया होगा कि क्यों फुटबॉल खेल श्रेष्ठ है, क्यों फुटबॉल विश्व कप विश्व शांति और एकात्मकता का प्रतीक है। देर से ही सही, देश के शासकों, प्रशासकों को फुटबॉल की महानता का पता चल गया है। अब उनका कर्तब्य बनता है कि भारतीय फुटबॉल के उत्थान के लिए आज और अभी जे जुट जाएं ताकि भारतीय फुटबॉल भी फीफा कप में खेल कर देशवासियों को धन्य कर सके।

