नीरज नहीं तो कौन?
- नीरज चोपड़ा आगामी एशियन गेम्स में भाग नहीं ले पाएंगे इसलिए एक निश्चित पदक भारतीय पदक तालिका से छिटक गया है
- कुछ एक भारतीय थ्रोअर उनके स्थान की भरपाई के लिए तैयार हैं लेकिन उन्हें अभी लंबा फासला तय करना है
- रोहित यादव, यशवीर सिंह, सचिन यादव और किशोर जेना ओलम्पिक विजेता नीरज की कमी पूरी करने के लिए तैयार हैं लेकिन कोई नब्बे के जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है
- 90.23 मीटर के व्यक्तिगत श्रेष्ठ का भारतीय रिकॉर्ड स्थापित करने वाले नीरज देश के लिए दो ओलम्पिक पदक जीतने वाले पहले एथलीट हैं
राजेंद्र सजवान
क्योंकि नीरज चोपड़ा आगामी एशियन गेम्स में भाग नहीं ले पाएंगे इसलिए एक निश्चित पदक भारतीय पदक तालिका से छिटक गया है। हाल फिलहाल के प्रदर्शन को देखते हुए यह दावा नहीं किया जा सकता है कि अगर वें भाला फेंकते तो सीधे सोने के पदक पर जा लगता। इसलिए क्योंकि पिछले कुछ समय से चोटिल हैं। हालांकि कुछ एक भारतीय थ्रोअर उनके स्थान की भरपाई के लिए तैयार हैं लेकिन उन्हें अभी लंबा फासला तय करना है। 90.23 मीटर के व्यक्तिगत श्रेष्ठ का भारतीय रिकॉर्ड स्थापित करने वाले नीरज देश के लिए दो ओलम्पिक पदक जीतने वाले पहले एथलीट हैं। ओलम्पिक की तरह वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी उसने एक-एक गोल्ड-सिल्वर जीते हैं। डायमंड लीग, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, एशियन चैंपियनशिप और अन्य स्पर्धाओं में उन्होंने शानदार रिकॉर्ड के साथ पदक जीते और देश का मान बढ़ाया। लेकिन चोट के चलते एशियन गेम्स से नाम वापस लेना भारत को पहला बड़ा झटका कहा जा सकता है।

जानकारों, करीबी सूत्रों और मेडिकल स्टाफ की रिपोर्ट पर गौर करें तो लगातार चोटग्रस्त होने के कारण नीरज पर दबाव बढ़ रहा है। इसलिए क्योंकि उनके थ्रो को लंबी, ऊंची और दूर तक मार करने वाली माना जाता रहा है। लेकिन फिलहाल सवाल यह पैदा होता है कि नीरज नहीं तो कौन?
हाल फिलहाल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो रोहित यादव, यशवीर सिंह, सचिन यादव और किशोर जेना ओलम्पिक विजेता नीरज की कमी पूरी करने के लिए तैयार हैं लेकिन गारंटी से नहीं कहा जा सकता कि एशियन गेम्स का स्वर्ण भारत की झोली में आएगा। फिर भी नीरज के बाद की अगली कतार में दम है। किशोर जेना का श्रेष्ठ 87.54 मीटर और यशवीर का 85.14 मीटर है। फिर भी नीरज की कमी की भरपाई हो पाएगी, ऐसा दावे के साथ नहीं कहा जा सकता। अर्थात् नीरज की कमी भारतीय एथलेटिक्स के लिए झटका है क्योंकि ऐसा एथलीट भारत में पहले कभी पैदा नहीं हुआ, जिसकी चमक से मिल्खा और ऊषा के रिकॉर्ड भी धुंधले पड़ गए हैं।

